हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

International Women Day 2025: देश की आजादी के लिए इन 5 महिलाओं ने छोड़ दिया था घर का ऐशो आराम

International Women Day 2025: देश की आजादी से लेकर अपने अधिकारों के लिए लड़ने में आज तक महिलाएं पीछे नहीं हटी है। वह हमेशा से पुरुषों के तरह ही हिम्मत दिखाते हुए मुश्किलों से लड़ती रही हैं और आज भी लड़ रही हैं। आइए जानते हैं उन महिलाओं के नाम जिन्होंने देश की आजादी के लिए घर का ऐशो आराम तक छोड़ दिया।

विज्ञापन
International Womens Day 2025

International Women Day 2025: हमारे देश में महिलाओं की एक अलग भूमिका रही है। वह आज तक अपने अधिकारों के लिए ही नहीं बल्कि आजादी की लड़ाई में भी पुरुषों के साथ खरी रही थीं। आज भी जब उनके अधिकारों की बात आती है, तो वह अपने लिए लड़ने से पीछे नहीं हटती हैं। जहां देश को आजादी दिलाने में महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस और बहुत से पुरुषों ने अपना योगदान दिया था। वहीं देश की महिलाएं भी पीछे नहीं हटी थीं। कई महिलाओं ने देश को आजादी दिलाने के लिए अपना घर परिवार ऐशो आराम सब कुछ छोड़ दिया था और आखिरी सांस तक अंग्रेजों से लड़ती रहीं।

सरोजिनी नायडू

सरोजिनी नायडू को भारत की कोकिला के नाम से जाना जाता है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ही नहीं, बल्कि वह एक बहुत अच्छी कवियत्री भी थीं। सरोजिनी नायडू ने खिलाफत आंदोलन में भाग लिया था और अंग्रेजों को भारत से निकालने में अपना अहम योगदान दिया था।

ये भी पढ़ें- इन 3 तरह के डाइट को करें अपनी डेली रुटीन में शामिल, सोरायसिस कम करने में मिलेगी मदद

विज्ञापन

कमला नेहरू

कमला नेहरू, पूर्व पीएम जवाहर लाल नेहरू की पत्नी थीं। कहा जाता है कि वह बहुत ही शांत स्वभाव की थी, लेकिन समय आने पर यही शांत स्वभाव की महिला क्रांतिकारी साबित हुईं, जो धरने-जुलूस में अंग्रेजों का सामना करती, भूख हड़ताल में भी भाग लेती थीं। इन्होंने असहयोग आंदोलन और सविनय अवज्ञा आंदोलन में भी हिस्सा लिया था और देश की आजादी में आपना योगदान देने से पीछे नहीं हटी।

दुर्गा बाई देशमुख

दुर्गा बाई देशमुख महात्मा गांधी के विचारों से बेहद प्रभावित थीं। यही कारण था कि उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह आंदोलन में भाग लिया और भारत की आजादी में एक वकील, सामाजिक कार्यकर्ता, और एक राजनेता के रूप में काम किया। जिन्हें आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।

विज्ञापन

अरुणा आसफ अली

अरुणा आसफ अली को भारत की आजादी के लिए लड़ने वाली एक सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में जानी जाती है। उन्होंने एक कार्यकर्ता होने के नाते नमक सत्याग्रह में भाग लिया और लोगों को अपने साथ जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की मासिक पत्रिका इंकलाबका भी संपादन किया। साल 1998 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।

रानी लक्ष्मी बाई

रानी लक्ष्मी बाई को हर कोई जानता है, जिन्हें हमारे देश की महान वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के नाम जाना जाता है। देश के पहले स्वतंत्रता संग्राम 1857 में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली रानी लक्ष्मीबाई के अप्रतिम शौर्य से चकित अंग्रेजों ने भी उनकी प्रशंसा करते नहीं थकते थे। आज भी उनकी किंवदंती काफी मशहूर है।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें- 30 से ज्यादा उम्र की महिलाओं के लिए 3 फल हैं फायदेमंद! जानें क्या कहती है रिसर्च

Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।  

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola