Winter Plant Care: सर्दियों में भी फूलों से महकेगा आपका गार्डन, पौधों की देखभाल के लिए अपनाएं ये तरीके

सर्दियों में पौधों की देखभाल करना मुश्किल नहीं है, बस उनकी जरूरतों को समझना जरूरी है. ऐसे में अगर आप गुलाब, गेंदा, पेटूनिया और डहेलिया जैसे मौसमी फूल लगाते हैं तो आपका गार्डन सर्दियों में भी रंग-बिरंगे फूलों से खिल उठेगा.

how to take care of plants during winter paudhe ka khayal kaise rakhe

सर्दियों में गुलाब, गेंदा, पेटूनिया, डहेलिया और पैंजी जैसे कई खूबसूरत फूल खिलते हैं. Image Credit- AI

सर्दियों का मौसम आते ही जहां लोगों को ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों और हीटर की जरूरत पड़ने लगती है, वहीं इस मौसम में पेड़-पौधों को भी खास देखभाल की जरूरत होती है. ठंडी हवाएं, गिरता तापमान, कोहरा और धूप की कमी पौधों की हेल्थ पर असर डाल सकती है. कई बार सही देखभाल न मिलने की वजह से पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं और फूल कम होते जाते हैं. हालांकि, अगर आप कुछ आसान गार्डनिंग टिप्स अपनाते हैं तो सर्दियों में भी आपका गार्डन हरा-भरा रह सकता है और रंग-बिरंगे फूलों से महक सकता है. खास बात यह है कि सर्दियों में गुलाब, गेंदा, पेटूनिया, डहेलिया और पैंजी जैसे कई खूबसूरत फूल खिलते हैं. ऐसे में जरूरी है कि मौसम के हिसाब से पौधों की देखभाल की जाए. देर किस बात की आइए विस्तार से जानते हैं कि सर्दियों में पौधे को हेल्दी रखने के लिए क्या करना चाहिए और कैसे पौधे का ख्याल रखने की जरूरत है. 

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पौधों का ख्याल कैसे रखें? | How To Take Care Of Plants 

धूप पर दें ध्यान 

पौधे की धूप की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है. वैसे भी सर्दियों में पौधों के लिए धूप बेहद जरूरी होती है. इसलिए पौधों को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उन्हें नेचुरल धूप या रोशनी मिल सके. फूलों वाले पौधों को आमतौर पर रोजाना 4 से 6 घंटे धूप की जरूरत हो सकती है. अगर आपके घर में बालकनी या छत पर गार्डन है तो गमलों को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप आसानी से पहुंच सके. ध्यान रखें कि बहुत ज्यादा ठंड और पाले के दौरान नाजुक पौधों की केयर ज्यादा करें.

पानी देने में न करें जल्दबाजी

सर्दियों में पौधों को पानी देने का तरीका गर्मियों से अलग होता है. ठंड के कारण मिट्टी में नमी लंबे समय तक बनी रहती है. ऐसे में रोजाना पानी डालने से पौधों की जड़ों में जरूरत से ज्यादा नमी जमा हो सकती है, जिससे जड़ें सड़ने का खतरा बढ़ जाता है. पौधों को पानी देने से पहले मिट्टी की ऊपरी लेयर को उंगली से छूकर देखें. अगर मिट्टी सूखी महसूस हो, तभी पानी दें. कोशिश करें कि सुबह के समय पौधों को पानी दिया जाए, ताकि दिनभर में नमी सूख सके. 

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पाले और ठंडी हवाओं से करें बचाव

सर्दियों में पड़ने वाला पाला पौधों के लिए नुकसानदायक हो सकता है. खासकर छोटे पौधे और नाजुक पत्तियों वाले पौधे ठंड से जल्दी इफेक्ट होते हैं. पाले की वजह पत्तियां झुलस सकती हैं और पौधों की ग्रोथ रुक सकती है. इससे बचने के लिए रात के समय नाजुक पौधों को घर के अंदर रख दें. वहीं, बड़े पौधों को गार्डनिंग नेट या हल्के कपड़े से ढक सकते हैं. ध्यान रखें कि पौधों को ढकते समय हवा आने-जाने की जगह बनी रहे. 

मिट्टी की सेहत का रखें खास ध्यान

स्वस्थ पौधों के लिए अच्छी मिट्टी बेहद जरूरी है. सर्दियों में पौधों की ग्रोथ धीमी हो सकती है, इसलिए मिट्टी में पोषक तत्वों का बैलेंस बनाए रखना जरूरी है. आप पौधों की मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी हुई जैविक खाद या वर्मी कंपोस्ट मिला सकते हैं. इससे मिट्टी की क्वालिटी बेहतर होती है और पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं. ध्यान रखें कि खाद का इस्तेमाल पौधों की जरूरत और मिट्टी के हिसाब से ही करें. 

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सूखी और पीली पत्तियों को हटाते रहें

सर्दियों में कई पौधों की पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं या सूख जाती हैं. ऐसी पत्तियों को पौधों से हटाते रहना चाहिए. इससे पौधे की एनर्जी खराब हिस्सों पर खर्च नहीं होती और नई पत्तियों और शाखाओं के विकास में मदद मिल सकती है. इसके अलावा, मुरझाए हुए फूलों को भी समय-समय पर हटा दें, क्योंकि यह एक तरह की बीमारी है जिसे डेड हेडिंग कहा जाता है. इससे कई फूलों वाले पौधों में दोबारा फूल आने को बढ़ावा मिलता है.

सर्दियों में कौन से पौधे लगाना हो सकता है बेस्ट? 

अगर आप चाहते हैं कि आपका गार्डन सर्दियों में भी रंग-बिरंगे फूलों से भरा रहे तो इस मौसम में कुछ खास फूलों वाले पौधे लगा सकते हैं. 

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  • डहेलिया
  • पैंजी
  • गेंदा
  • गुलाब
  • पेटूनिया
  • स्नैपड्रैगन

कीड़ों और बीमारियों से कैसे बचाएं? 

सर्दियों में भी पौधों पर कीटों और फंगल इंफेक्शन का खतरा बना रहता है. पत्तियों के नीचे सफेद धब्बे, छोटे कीड़े, चिपचिपापन या पत्तियों का अचानक खराब होना किसी समस्या का संकेत हो सकता है. इसलिए समय-समय पर पौधों की पत्तियों और तनों की टेस्ट करते रहें. बाकी गार्डनिंग ट्रीटमेंट का इस्तेमाल करें और पौधों को वक्त वक्त पर चेक करते रहें. 

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लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
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