Good Parenting Tips: आज के डिजिटल युग में बच्चों का ज्यादातर समय मोबाइल, टीवी और वीडियो गेम्स में चला जाता है. इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई और कॉन्सन्ट्रेशन पर देखने को मिलता है. हर माता-पिता चाहता हैं कि उनका बच्चा मन लगाकर पढ़ें, लेकिन डांट या जबरदस्ती करने से अक्सर उल्टा असर पड़ता है. सच यह है कि अगर पढ़ाई को बोझ की जगह एक दिलचस्प एक्टिविटी बना दिया जाए, तो बच्चे खुद-ब-खुद किताबों की ओर आकर्षित होने लगते हैं. थोड़े से धैर्य और सही तरीकों से बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित की जा सकती है, जिसके बाद बच्चे मन लगाकर पढ़ने लगेंगे. इस स्टोरी में हम आपको कुछ आसान और असरदार टिप्स देंगे, जिन्हें फॉलो करके आप अपने बच्चे को आसानी से पढ़ाई की तरफ आकर्षित कर सकते हैं.
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पढ़ाई के लिए एक तय समय करना जरूरी
बच्चों की पढ़ाई के लिए एक निश्चित समय तय करना बहुत जरूरी होता है. यानी जब बच्चा रोज एक ही समय पर पढ़ने बैठता है, तो उसका दिमाग उस समय पढ़ाई के लिए खुद को तैयार कर लेता है. शुरुआत में 20-30 मिनट पढ़ाना शुरू करें और दिन के साथ-साथ धीरे-धीरे समय बढ़ाते रहें. इससे बच्चे पर दबाव नहीं पड़ेगा और वह पढ़ाई को सहज रूप से अपनाएगा. एक नियमित रूटीन बच्चों में अनुशासन और फोकस दोनों बढ़ाता है.
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डिस्ट्रैक्शन से दूर जरूरी
जिस जगह बच्चा पढ़ाई करता है, वहां का माहौल शांत और साफ होना बहुत जरूरी है. आप जब बच्चे को पढ़ाएं उस समय मोबाइल, टीवी या तेज आवाजों को कम रखे या फिर बंद ही कर दें. इसके लिए एक अलग स्टडी कॉर्नर बनाएं, जहां सिर्फ पढ़ाई से जुड़ी चीजें हों. साथ ही, जब बच्चा पढ़ रहा हो तो उसे बार-बार टोकने से रुकें. अच्छा और शांत माहौल बच्चों को मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस कराता है और उनका ध्यान लंबे समय तक एक ही जगह पर बना रहता है.
पढ़ाई को बनाएं मजेदार
इसके अलावा पेरेंट्स को चाहिए कि वह पढ़ाई को थोड़ा मजेदार तरीके से पेश करें. इससे बच्चों की पढ़ाई की तरफ रुचि अपने आप बढ़ जाती है. छोटे बच्चों के लिए रंगीन किताबें, चार्ट, फ्लैश कार्ड्स और कहानियों का सहारा लिया जा सकता है. खेल-खेल में पढ़ाई कराने से बच्चे बिना दबाव के सीखते हैं. इस तरीके से उन्हें लगता है कि पढ़ाई कोई सजा नहीं और वह लंबे समय तक उन चीजों को याद रख पाते हैं.
स्क्रीन टाइम सीमित रखें
आज बच्चों में मोबाइल और टीवी की आदत तेजी से बढ़ रही है, जो पढ़ाई में सबसे बड़ी रुकावट है. इसलिए स्क्रीन टाइम के लिए साफ नियम बनाएं और उनका पालन कराएं. खाली समय में मोबाइल देने की बजाय किताब पढ़ने, पजल सॉल्व करने आदि की आदत डालें. जब स्क्रीन का इस्तेमाल सीमित होगा, तो बच्चों का ध्यान अपने आप पढ़ाई की ओर लौटने लगेगा.
गौरतलब है कि छोटे बच्चे को फोन नहीं देना चाहिए इससे उनका ध्यान इन्हीं चीजों में रहता है, एक बार फोन की लत लग जाए, तो उसे छुड़ा पाना काफी मुश्किल हो सकता है. अच्छे भविष्य के लिए ऐसे कदम उठाना बहुत जरूरी है.
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