Ganesh Chaturthi 2024: गणपति उत्सव बस दो दिन में ही शुरू होने वाला है। इस पर्व को लेकर देशभर में तैयारियां चल रही हैं। मुंबई, पुणे, गोवा इन जगहों पर देश के सबसे बड़े पंडाल सजते हैं। हालांकि, राजधानी दिल्ली भी इसमें पीछे नहीं है। यहां भी लोग जोरों-शोरों से इस त्योहार को मनाते हैं। दिल्ली में कई जगहों पर गणपति पंडाल लगाए जाते हैं जो काफी मशहूर भी हैं। दिल्ली के बुराड़ी इलाके में यहां का सबसे बड़ा गणपति पंडाल सजता है। इस पंडाल की बराबरी मुंबई के लालबाग से भी की जाती है। जानिए इस पंडाल की खासियत।
पंडाल की थीम
हालांकि, हर साल हर पंडाल की थीम अलग होती है। कुछ पंडाल सांस्कृतिक थीम पर होते हैं तो कुछ मॉडर्न थीम पर बनाए जाते हैं। दिल्ली में इस बार बप्पा की मूर्ति इको-फ्रेंडली बनाई गई है। हालांकि, अब तक यहां की थीम को लेकर कोई खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन पंडाल को हर साल की तरह भव्य और खूबसूरत बनाया गया है।
कब से शुरू हुआ था पंडाल
दिल्ली के बुराड़ी में सांसद मनोज तिवारी ने साल 2015 में पहली बार लालबाग जैसे आलिशान पंडाल सजवाया था। उन्होंने कहा था कि लोग लालबाग के दर्शन करने मुंबई जाते हैं, हम दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए यहीं लालबाग का आयोजन करवाएंगे। उसके बाद से हर साल गणेश उत्सव पर यहां धूम-धाम से पर्व मनाया जाता है। इस पंडाल में गणपति बप्पा की मूर्ति भी हर साल मुंबई के लालबाग जैसी ही बनाई जाती है।
कितना बड़ा है पंडाल
यह पंडाल लगभग 6,00,000 वर्ग क्षेत्र तक फैला है। इसका फर्श लकड़ियों का बनाया जाता है जिस पर 5 लाख लोगों के खड़े होने की व्यवस्था होती है। इस उत्सव में गणेश मूर्ति के अलावा बच्चों के लिए झूले भी लगाए जाते हैं। यहां शाम के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। हर साल यहां 1,00,000 से 5,00,000 श्रद्धालू दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

Delhi Ganpati Pandal
खास व्यंजन
दिल्ली के इस पंडाल में दिल्ली की गलियों से निकले मशहूर चपपटे स्ट्रीट फूड के स्टॉल्स भी लगाए जाते हैं। इसके अलावा यहां देश के अलग-अलग व्यंजनों के भी स्टॉल्स होते हैं जहां आप राजस्थानी, पंजाबी तथा बिहारी खाने का लुत्फ उठा सकते हैं।
पता
यह महोत्सव DDA ग्राउंड, संत निरंकारी समागम, बुराड़ी में आयोजित होता है। यह पंडाल मेट्रो स्टेशनों के नजदीक ही बनाया गया है। यहां का नजदीकी मेट्रो स्टेशन जी.टी.बी नगर है। आप यहां पहुंचकर आसानी से पंडाल तक जा सकते हैं।