Arunachal Pradesh Trip Planning: एक ऐसी जगह के बारे में सोचिए, जहां आंख खुलते ही सामने सूरज नहीं, बल्कि चारों ओर फैली सफेद धुंध दिखाई दे. ठंडी हवा चेहरे को छू रही हो और ऊंचे पहाड़ बादलों के पीछे छिपे रहते हो. यहां चलते हुए ऐसा लगता है मानो सड़कें जमीन पर नहीं, बल्कि बादलों के बीच बनी हों. सपनों की इस दुनिया के बारे में सोचकर आप यकीनन उन चीजों को महसूस करने लगे होंगे, और सोच रहे होंगे कि क्या सच में दुनिया में ऐसी जगह है या नहीं? जी हां, दुनिया में ऐसी जगह है और वो आपके घर के पास ही है.
अरुणाचल प्रदेश की अनिनी वैली (Anini Valley) ठीक ऐसी ही जादुई जगह है, जो पहली ही झलक में मन को अपने साथ बांध लेती है और आपको अपने सुकून भरे वातावरण का इस तरह दीवाना बना देती है, जहां जाने के बाद आपका फिर भागदौड़ भरी जिंदगी में लौटने का मन ही नहीं करेगा.
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भीड़ से दूर बसा हुआ है ये अनदेखी जन्नत
पूर्वोत्तर भारत को यूं ही प्रकृति का खजाना नहीं कहा जाता. आमतौर पर लोग सिक्किम, मेघालय, तवांग या जीरो वैली के बारे में जानते हैं और वहीं जाना पसंद करते हैं, लेकिन इन्हीं मशहूर जगहों से दूर अनिनी वैली (Anini Valley) आज भी शांत बनी हुई है. इस वैली के बारे में ज्यादातर लोग नहीं जानते और जो जानते हैं वह हर छुट्टियों में यहीं जाते हैं. यह घाटी अरुणाचल प्रदेश के दिबांग जिले में स्थित है और अपनी सादगी व शांति के लिए जानी जाती है. यहां न ज्यादा पर्यटक हैं और न ही शोर-शराबा है, बस नेचर का एक ऐसा दृश्य है, जिसे देखना ही मन को सुकून दे देता है. यही बात इसे खास और अलग बनाती है.
पहाड़, झरने और धुंध कभी नहीं भूल पाएंगे
अनिनी वैली की असली पहचान इसकी प्राकृतिक सुंदरता है. चारों ओर ऊंची हिमालयी चोटियां, हरे-भरे मैदान और पहाड़ों से गिरते दूधिया झरने दिखाई देते हैं. यहां की धुंध मानो आंख-मिचौली खेलती है. कभी पूरी घाटी को ढक लेती है और कभी अचानक हटकर पूरी हरियाली का एक खूबसूरत दृश्य दिखाती है. हर पल यहां एक नई तस्वीर जैसा लगता है, जो प्रकृति प्रेमियों के दिल को छू लेता है.
मौसम, सुकून और यादों से भर जाएगा अनुभव
गर्मियों में अनिनी वैली की ठंडी हवा मैदानी इलाकों की गर्मी से राहत देती है, जबकि सर्दियों में बर्फबारी इसे सपनों की दुनिया जैसा बना देती है. दिबांग घाटी और ड्री व मथुन नदियों के बहने की आवाज मन को सुकून देती है. अनिनी व्यू पॉइंट (Anini Viewpoint) और मिश्मी हिल्स (Mishmi Hills) जैसी जगहें यहां के ट्रिप (Trip) को और खास बनाती हैं. ऐसे में अगर आप सुकून की तलाश में जन्नत जैसी जगह की सैर करना चाहते हैं, जहां पर्यटकों की भीड़ भी ना हो, तो ये जगह आपके लिए बेहतरीन हो सकती है.
कैसे पहुंचे यहां?
अनिनी वैली तक पहुंचना अपने आप में एक यादगार अनुभव है. ईटानगर (Itanagar) से इसकी दूरी लगभग 570 किलोमीटर है, जबकि असम के डिब्रूगढ़ (Dibrugarh) से करीब 381 किलोमीटर का रास्ता तय करना पड़ता है. यहां का रास्ता थोड़ा लंबा और घुमावदार है, लेकिन पहाड़ों के मोड़, गहरी घाटियां और रास्ते भर बदलते नजारे थकान महसूस नहीं होने देते. खिड़की से आती ठंडी हवा और हरियाली से भरे दृश्य सफर को खास बना देते हैं.
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