शकरकंद को आजकल सुपरफूड की तरह देखा जाने लगा है. वजन घटाने से लेकर डायबिटीज कंट्रोल तक, इसे हर उम्र के लोग अपनी डाइट में शामिल कर रहे हैं. नाश्ते से लेकर रात के खाने तक, शकरकंद को हेल्दी विकल्प माना जाता है. लेकिन बढ़ती मांग के साथ बाजार में इसकी मिलावट भी तेजी से बढ़ी है. यानी कि कई जगहों पर शकरकंद (Sweet Potato) को ज्यादा चमकदार और आकर्षक दिखाने के लिए खतरनाक केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हो सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे पहचानें कौन-सा शुद्ध है और कौन केमिकल वाला?
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शकरकंद को लेकर FSSAI की चेतावनी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अनुसार, बाजार में बिकने वाले कुछ शकरकंदों में रोडामाइन-B (Rhodamine B) नाम का सिंथेटिक रंग पाया गया है. यह रंग कपड़ा, कागज और स्याही बनाने में इस्तेमाल होता है और खाने में खतरनाक भी है. विशेषज्ञों के मुताबिक, यह केमिकल शरीर में जमा होकर कैंसर, लिवर आदि, जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. FSSAI ने साफ किया है कि इस तरह के रंगों का इस्तेमाल फूड प्रोसेसिंग या स्टोरेज में कानूनन अपराध है.
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घर पर पहचानें मिलावटी शकरकंद
- आप घर बैठे आसानी से जांच सकेंगे कि आपके घर पर रखा शकरकंद शुद्ध है कि नहीं.
- इसके लिए एक रुई का फाहा लें और उसे पानी या खाने वाले तेल में हल्का भिगो लें.
- अब शकरकंद की बाहरी सतह पर उसे रगड़ें.
- अगर रुई का रंग नहीं बदलता है, तो शकरकंद सुरक्षित है और उसे खाया जा सकता है.
- लेकिन अगर रुई लाल या बैंगनी हो जाए, तो समझ लें कि उसमें केमिकल डाई मिली हुई है.
- इस तरह के शकरकंद का सेवन बिल्कुल न करें और तुरंत फेंक दें.
शुद्ध शकरकंद खाने के फायदे
- अगर शकरकंद शुद्ध हो, तो यह सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है.
- एक्सपर्ट्स बताते हैं कि शुद्ध शकरकंद में विटामिन-A, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट जैसे एंथोसाइनिन और कैरोटेनॉयड्स होते हैं, जो शरीर में फ्री रेडिकल्स को खत्म करने में मदद करते हैं.
- आपको जानकर हैरानी होगी के इसे खाने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम होता है और कैंसर, दिल की कई बीमारियों में भी लाभकारी माना जाता है और डायबिटीज जैसी बीमारी का खतरा भी घटाता है.
- इतना ही नहीं, बैंगनी रंग वाले शकरकंद शुगर कंट्रोल करने में काफी मददगार माने जाते हैं.
- साथ ही, शकरकंद डायटरी फाइबर से भरपूर होते हैं, जो पाचन को दुरुस्त रखने के साथ-साथ आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं.
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अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.