Pitru Paksh Vastu Tips: पितृपक्ष में घर की इस दिशा में रखें तिजोरी, चमक जाएगी किस्मत!

Pitru Paksh Vastu Tips: वास्तु शास्त्र में पितृपक्ष के दौरान पालन करने वाले भी कुछ नियम बताए गए हैं। ऐसा माना जाता है कि इन नियमों के पालन करने से पितर प्रसन्न होते हैं और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। आइए जानते हैं कौन-कौन से हैं वो नियम जो पितरों को नाराज नहीं होने देते।

Pitru Paksh Vastu Tips for tijori

Pitru Paksh Vastu Tips for tijori

Pitru Paksh Vastu Tips: जब भी हम घर खरीदते हैं या किराये पर लेते हैं, तो सबसे पहले घर के वास्तु को देखते हैं। ऐसा माना जाता है कि वास्तु दोष राजा को रंक बना देता है। इसके अलावा वास्तु शास्त्र में सभी पर्व-त्योहारों से जुड़े हुए वास्तु नियम भी बताए गए हैं। चलिए जानते हैं पितृपक्ष से जुड़े वास्तु शास्त्र के नियम जिन्हें शुभ माना जाता है।

यहां रखें तिजोरी

वास्तु शास्त्र के अनुसार पितृपक्ष के दौरान घर की तिजोरी को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखने से धन मे वृद्धि होती है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिशा में पितरों का भी वास होता है और यहां तिजोरी रखने से पितरों का आशीर्वाद तिजोरी पर बना रहता है।

मुख्य द्वार

वास्तु शास्त्र कहता है कि किसी भी घर का मुख्य द्वार उसका महत्वपूर्ण भाग होता है। ऐसा माना जाता है कि घर का मुख्य द्वार ही घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने का काम करती है। इसलिए पितृपक्ष के दौरान रोज मुख्य द्वार को साफ कर पितरों को जल चढ़ाना चाहिए । ऐसा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

पितरों की तस्वीर

वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर में पितरों की तस्वीर कहां लगानी चाहिए और कहां नहीं लगानी चाहिए। वास्तु शास्त्र कहता है कि हमेशा दक्षिण दिशा में ही पितरों की तस्वीर लगानी चाहिए। वास्तु शास्त्र की मानें तो जो लोग पितरों की तस्वीर अपने बेडरूम, पूजा घर, रसोई जैसी जगहों पर लगाते हैं उन्हें आर्थिक संकटों का सामना करना पड़ता है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
होम पेज पर वापस जाएँ