किराए पर रहना आसान नहीं है. महीना खत्म होते ही किराया… और घर खाली करते वक्त सबसे बड़ा झंझट – सिक्योरिटी डिपॉजिट. कई मकान मालिक तो डिपॉजिट वापस करने में ऐसे नखरे दिखाते हैं जैसे आपने उधार लिया हो. तो आज इसी का सारा हिसाब-किताब समझते हैं, बिल्कुल आसान भाषा में.
सिक्योरिटी वापस न करे तो क्या करें? वकील ने बताया तरीका
गाजियाबाद हाईकोर्ट की वकील रेणु अग्रवाल कहती हैं, घबराओ मत, स्टेप बाय स्टेप चलो. सबसे पहले एग्रीमेंट पढ़ो. घर लेते वक्त जो रेंट एग्रीमेंट बनाया था, उसमें सब लिखा होता है. कितने दिन में डिपॉजिट वापस मिलेगा और किस-किस चीज का पैसा काट सकते हैं. वहीं से आपका केस मजबूत होगा.
पहले मालिक से आराम से बात करके देखो. कई बार बात से ही काम हो जाता है. अगर प्यार से न माने तो एक लीगल नोटिस भेज दो. उसमें साफ लिखो कि 7 या 15 दिन में पैसा वापस करो. नोटिस से 90% मालिक लाइन पर आ जाते हैं. अगर फिर भी नहीं माना, तो आपके पास 2 रास्ते हैं- अगर आपके यहां Model Tenancy Act लागू है तो अपने राज्य के Rent Tribunal या Rent Controller में शिकायत करो. कंज्यूमर कोर्ट या सिविल कोर्ट में भी जा सकते हो. मतलब, आपका पैसा कोई हजम नहीं कर सकता, कानून आपके साथ है.
मकान मालिक कितने महीने का एडवांस ले सकता है?
यहीं पर सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन है. कोई 2 महीने मांगता है, कोई 6 महीने तो कोई 11 महीने. रेणु अग्रवाल के मुताबिक Model Tenancy Act, 2021 में इसका नियम क्लियर है:
रिहायशी घर (Residential) के लिए – ज्यादा से ज्यादा 2 महीने का किराया
दुकान/ऑफिस (Commercial) के लिए – ज्यादा से ज्यादा 6 महीने का किराया
लेकिन एक पेंच है. ये Model Act है, मतलब ये तभी लागू होगा जब आपकी राज्य सरकार ने इसे अपने यहां लागू किया हो. प्रैक्टिकली दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे जैसे बड़े शहरों में आज भी मालिक 2 से 6 महीने तक एडवांस मांग ही लेते हैं. तो एग्रीमेंट साइन करने से पहले ये तय कर लें.
क्या मकान मालिक सैलरी स्लिप मांग सकता है?
कानूनी तौर पर, आपको सैलरी स्लिप, Form-16 या बैंक स्टेटमेंट देने की कोई जरूरत नहीं है. Model Tenancy Act में ऐसा कोई नियम नहीं है. लेकिन हां, कई मालिक अपनी तसल्ली के लिए मांग लेते हैं कि भाई, किराया टाइम पर दे पाओगे या नहीं. ये पूरी तरह आप दोनों की आपसी सहमति पर है. आप मना करोगे तो वो घर देने से भी मना कर सकता है. तो समझदारी से फैसला लें.
क्या आधार कार्ड, PAN देना जरूरी है?
हां, ये बिल्कुल जायज है. मकान मालिक आपसे पहचान के लिए आधार, पैन, पासपोर्ट, वोटर ID मांग सकता है. साथ में पुलिस वेरिफिकेशन और पुराने मकान मालिक का रेफरेंस भी मांगना आम बात है. इसमें डरने की बात नहीं, बल्कि ये आपकी और मालिक दोनों की सेफ्टी के लिए है.
सीधी बात ये है कि एग्रीमेंट को हल्के में मत लें. उस कागज पर साइन करने से पहले हर क्लॉज पढ़ लें, खासकर सिक्योरिटी वाला.