बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजे आते ही जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर की सियासी खींचतान खुलकर सामने आ गई है. पटना स्नातक सीट से शानदार जीत दर्ज करने के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और नवनिर्वाचित MLC नीरज कुमार के तेवर तल्ख नजर आ रहे हैं. उन्होंने दो टूक शब्दों में कह दिया है कि वह केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से जीत का आशीर्वाद और बधाई लेने बिल्कुल नहीं जाएंगे.
ललन सिंह को आंख, बाकी दिग्गजों का लिया आशीर्वाद
जीत के बाद नीरज कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, पार्टी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा, वरिष्ठ मंत्री बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी के आवास जाकर उनका आशीर्वाद लिया. लेकिन ललन सिंह के पास जाने से साफ मना करते हुए उन्होंने कहा, “मैं अपना कर्जा सूद समेत वापस करता हूं.” दरअसल, चुनाव के दौरान ललन सिंह ने बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह का पक्ष लिया था और नीरज कुमार के प्रचार से दूरी बना ली थी. अब जीत के बाद नीरज कुमार आक्रामक मुद्रा में हैं और संजय झा की खुलकर तारीफ कर रहे हैं.
अनंत सिंह पर कार्रवाई को लेकर संजय झा का बयान
दूसरी तरफ, अनंत सिंह पर हुई कार्रवाई को लेकर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी स्थिति स्पष्ट की है. उन्होंने कहा कि अनंत सिंह पर कार्रवाई पूरी सहमति से हुई है और इस फैसले पर अंतिम मुहर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लगाई है.
गुटबाजी पर बीजेपी और विपक्ष का रुख
जेडीयू के अंदर बढ़ती गुटबाजी से एनडीए में चिंता का माहौल है, क्योंकि जेडीयू की कमजोरी का सीधा असर गठबंधन पर पड़ सकता है. हालांकि, बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर कुमार ने किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार किया है. वहीं, राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने इसे ‘ऑपरेशन लोटस’ का हिस्सा बताते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी जेडीयू को खत्म करने की साजिश रच रही है. पहले दौर में नीरज कुमार ने अपनी ताकत दिखा दी है, लेकिन ललन सिंह और संजय झा के बीच पार्टी में प्रभुत्व की यह जंग अब नए सियासी मोड़ पर पहुंच चुकी है.