मोदी सरकार इन 4 सरकारी बैंकों में घटाएगी अपनी हिस्सेदारी, आम निवेशकों के लिए खुलेंगे रास्ते! जानें पूरी डिटेल

Govt Stake Reduction in 4 PSU Banks: सेबी के नियमों को पूरा करने के लिए मोदी सरकार सेंट्रल बैंक, यूको बैंक, IOB और पंजाब एंड सिंध बैंक में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 75% करेगी. जानिए निवेशकों पर इसका क्या असर होगा.

Government to Reduce Stake in 4 PSU Banks Central Bank, UCO Bank, IOB and Punjab & Sind Bank to 25% Public Holding in Hindi.

नियमों के तहत अब इन सभी बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी को घटाकर 75% पर लाया जाएगा, जिससे पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़कर 25% हो जाएगी. (Photo - ANI)

शेयर बाजार में लिस्टेड सरकारी कंपनियों को लेकर मोदी सरकार जल्द ही एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार देश के 4 सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी (Stake) को घटाकर 75% करने की योजना बना रही है. इन बैंकों में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India), यूको बैंक (UCO Bank), पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sind Bank) और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank) शामिल हैं. सरकार के इस फैसले से इन बैंकों के 25% शेयर आम निवेशकों और अन्य शेयरधारकों के लिए उपलब्ध हो जाएंगे. जान‍िये सरकार ऐसा क्यों कर रही है और इसका निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा.

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अभी किस बैंक में सरकार की हिस्सेदारी कितनी है?

इन चारों सरकारी बैंकों में फिलहाल सरकार की हिस्सेदारी बहुत ज्यादा है, जिसे सेबी (SEBI) के नियमों के मुताबिक कम किया जाना है:

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इंडियन ओवरसीज बैंक: करीब 92.44% हिस्सेदारी सरकार के पास है.
पंजाब एंड सिंध बैंक: करीब 93.85% हिस्सेदारी सरकार के पास है.
यूको बैंक: करीब 90.95% हिस्सेदारी सरकार के पास है.
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: करीब 81.19% हिस्सेदारी सरकार के पास है.

नियमों के तहत अब इन सभी बैंकों में सरकार की हिस्सेदारी को घटाकर 75% पर लाया जाएगा, जिससे पब्लिक शेयरहोल्डिंग (Public Shareholding) बढ़कर 25% हो जाएगी.

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सरकार क्यों उठा रही है यह कदम?
सेबी (SEBI) के नए नियमों के अनुसार, शेयर बाजार में लिस्टेड किसी भी कंपनी के लिए यह जरूरी है कि उसके कम से कम 25% शेयर आम निवेशकों (Public Shareholders) के पास होने चाहिए. इकनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले एक साल में इन चार बैंकों में आम निवेशकों की हिस्सेदारी बढ़ाई जाएगी. इन बैंकों ने वित्त मंत्रालय से एक साल का अतिरिक्त समय मांगा है, क्योंकि उनका कहना है कि मौजूदा बाजार हालात में QIP (Qualified Institutional Placement) के जरिए एक साथ 10% से ज्यादा हिस्सा बेचना आसान नहीं है.

कैसे बिकेंगे शेयर?
बैंक खुद बाजार से फंड जुटा सकते हैं या सरकार बाजार की स्थिति को देखते हुए ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपने शेयर बेच सकती है. हालांकि, शेयर बेचने का तरीका और समय अभी तय होना बाकी है.

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क्या इन बैंकों का प्राइवेटाइजेशन होने जा रहा है?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हिस्सेदारी घटने से ये बैंक प्राइवेट हो जाएंगे? सरकार की हिस्सेदारी घटाने की इस योजना को प्राइवेटाइजेशन (Privatization) से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. इसका मतलब यह कतई नहीं है कि इन बैंकों का मालिकाना हक किसी निजी कंपनी को सौंपा जा रहा है. हालांकि, पहले नीति आयोग ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन ओवरसीज बैंक के नाम निजीकरण के लिए सुझाए थे, लेकिन फिलहाल इन बैंकों के निजीकरण पर कोई आधिकारिक अंतिम फैसला नहीं हुआ है.

आम निवेशकों और शेयर बाजार को क्या फायदा होगा?
निवेश के ज्यादा मौके: जब सरकार इन बैंकों में अपने शेयर बेचेगी, तो बाजार में शेयरों की उपलब्धता (Liquidity) बढ़ेगी. इससे आम निवेशकों को इन सरकारी बैंकों में निवेश करने का बड़ा मौका मिलेगा.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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