दिल्ली में एक बार फिर प्रशासन की लापरवाही ने एक युवक की जान ले ली और देखते ही देखते एक हंसता खेलता परिवार उजड़ गया. पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में रहने वाले युवक कमल की मौत उस समय हो गई, जब वो देर रात बाइक से घर लौट रहा था. सड़क पर दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदा गया एक गड्ढा खुला पड़ा था, जिसमें गिरने से कमल की मौके पर ही मौत हो गई. ये पूरा मामला सामने आने के बाद दिल्ली मंत्री आशीष सूद ने जांच कमिटी गठित करने के आदेश दिए हैं. उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और कहा आरोपियों को बख्शा नहीं जायेगा.
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क्या है पूरा मामला?
परिजनों के मुताबिक कमल रात करीब 11 बजे घर के लिए निकला था, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटा. वो रोजाना इसी रूट से तय वक्त पर घर आता था. लेकिन जब कमल घर नहीं पहुंचा तो परिवार वालों ने उसकी तलाश शुरू की. उन्होंने पुलिस को सूचना देने की कोशिश की, लेकिन रात के समय कोई भी थाना उनकी मदद के लिए तैयार नहीं हुआ. परिजन जनकपुरी, विकासपुरी और आसपास के कई थानों में गए, लेकिन हर जगह से यही जवाब मिला कि सुबह आकर शिकायत दर्ज कराएं. पूरी रात परिवार डर और बेचैनी में भटकता रहा. किसी को ये भी नहीं पता था कि कमल के साथ आखिर क्या हुआ.
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परिजनों ने लगाए आरोप
सुबह होते ही पुलिस से सूचना मिली कि सड़क किनारे बने एक गहरे गड्ढे में एक बाइक और युवक का शव पड़ा हुआ है. जब परिजन मौके पर पहुंचे तो देखा कि गड्ढे में कमल का शव था. ये दृश्य देखकर परिवार के पैरों तले मानो जमीन खिसक गई. परिजनों ने दिल्ली जल बोर्ड और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि अगर गड्ढे के चारों ओर बैरिकेडिंग होती, चेतावनी बोर्ड लगाए जाते या सड़क को सुरक्षित किया गया होता, तो ये हादसा नहीं होता. स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है. लोगों का कहना है कि दिल्ली में जगह-जगह सड़कें खोदकर छोड़ दी जाती हैं, लेकिन सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होते. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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