दिल्ली में जल जमाव वाले 24 हॉट स्पॉट की पहचान, मानसून की पहली बारिश के बाद सामने आई तस्वीर

Waterlogging In Delhi: दिल्ली में जब कभी हल्की या जमकर बारिश होती है, तब सड़कों पर जल जमाव देखने को मिलता है जिससे ट्रैफिक की रफ्तार धीमी पड़ जाती है. अब प्रशासन ने ऐसे 24 रेड जोन की पहचान की है, जो असल विलेन बने हुए है, इस परेशानी को हल करने के उपाय निकाले जाने की भी बात हुई है.

Delhi Waterlogging

Waterlogging In Delhi (AI Image)

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मुख्य बिंदु

  • मानसून की पहली बारिश के बाद दिल्ली में पानी भरने वाली 24 जगहों (हॉटस्पॉट) की पहचान की गई है.
  • इनमें से आठ जगहों को 2025 में भी समस्या वाली जगहों की सूची में शामिल किया गया था.
  • कई एजेंसियों की बैठक में ड्रेनेज, ट्रैफिक मैनेजमेंट और मानसून की तैयारियों की समीक्षा की गई.
  • अधिकारियों ने रुके हुए इंफ्रास्ट्रक्चर और ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करने का वादा किया.
  • तैयारियों में सुधार के दावों के बावजूद पानी भरने से दिल्ली ट्रैफिक पर काफी असर पड़ा.

Delhi Flags 24 Waterlogging Hotspots: दिल्ली में मॉनसून की पहली बारिश के बाद, अधिकारियों ने शहर में ऐसी 24 जगहों की पहचान की है जहां पानी जमा होने से ट्रैफिक और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा. मॉनसून की तैयारियों, ट्रैफिक मैनेजमेंट और बचाव के उपायों पर हुए प्रोग्रेस का जायजा लेने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और कई सिविक एजेंसियों की एक हाई-लेवल कोऑर्डिनेशन मीटिंग हुई.

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जल जमाव को लेकर अहम मीटिंग

इस रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) मनीष अग्रवाल ने की. इसमें नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI), दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC), पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (PWD), म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली (MCD), दिल्ली जल बोर्ड (DJB), दिल्ली ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट, दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (DTC) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड के अधिकारी शामिल हुए.

ड्रेनेज की दिक्कत

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि भारी बारिश के दौरान ट्रैफिक काफी हद तक कंट्रोल में रहा, लेकिन बारिश रुकने के बाद भी कई इलाकों में पानी जमा होने की गंभीर समस्या बनी रही. राजघाट, बदरपुर और राजधानी के दूसरे हिस्सों से सड़कों पर पानी भरने, स्कूल परिसर में पानी घुसने और ट्रैफिक जाम की खबरें आईं, जिससे ड्रेनेज की लगातार बनी हुई चुनौतियों का पता चलता है.

परेशानी नहीं हुई है हल

रिव्यू में पाया गया कि जिन 24 जगहों की पहचान की गई थी, उनमें से 8 जगहें पहले से ही 2025 में वॉटरलॉगिंग हॉटस्पॉट के तौर पर लिस्टेड थीं. इससे पता चलता है कि पहले किए गए बचाव के उपायों से ये बार-बार होने वाली समस्या पूरी तरह हल नहीं हुई है. अधिकारियों ने चल रहे प्रोजेक्ट्स पर चर्चा की, एजेंसियों की जिम्मेदारियों का रिव्यू किया और मॉनसून के पीक सीजन से पहले जरूरी अतिरिक्त कदमों की पहचान की.

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दिल्ली में जल जमाव वाले 24 हॉटस्पॉट

1. NSG रेड लाइट के पास उलान बटार मार्ग
2. DCM चौक पर रानी झांसी रोड
3. शास्त्री नगर में DM ऑफिस के पास LM बंध रोड
4. ओखला अंडरपास पर G.D. बिड़ला मार्ग
5. जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन के पास GTK रोड
6. गाजीपुर में मुर्गा मंडी के पास NH-24/दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
7. मुकरबा चौक से सिंधु बॉर्डर तक NH-44
8. फूल मंडी के पास SSN मार्ग
9. गदाईपुर चौकी पर मंडी रोड
10. रतिया मार्ग पर MB रोड
11. बत्रा हॉस्पिटल के पास MB रोड
12. जामिया हमदर्द T-पॉइंट पर MB रोड
13. खानपुर T-पॉइंट से हमदर्द T-पॉइंट तक MB रोड (दोनों तरफ की सड़कें)
14. निजामुद्दीन खट्टा के पास रिंग रोड
15. पुल प्रहलादपुर अंडरपास पर MB रोड
16. आयरन ब्रिज के नीचे रिंग रोड
17. मदर डेयरी के पास पांडव नगर अंडरपास पर पटपड़गंज रोड
18. GKP से TMR तक मदर टेरेसा क्रिसेंट मार्ग
19. ऑस्ट्रेलियाई दूतावास के पास पंचशील मार्ग
20. शांति पथ से सत्य मार्ग गोलचक्कर तक सत्य मार्ग
21. पिलर 156 से 160 के पास NH-48
22. सतबीर पेट्रोल पंप के पास NH-48
23. कपासहेड़ा पुलिस स्टेशन के पास पुरानी दिल्ली-गुड़गांव रोड
24. अशोक कंट्री रिसॉर्ट के सामने माता दीन यादव मार्ग

दूर होगी जल जमाव की परेशानी?

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में ड्रेनेज को बेहतर बनाने, जाम कम करने और विभागों के बीच तालमेल बढ़ाने वाले इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की भी समीक्षा की गई. सभी शामिल एजेंसियों ने मानसून के बचे हुए समय में जल जमाव की समस्या को कम करने और ट्रैफिक मूवमेंट को बेहतर बनाने के लिए रुके हुए कामों को तेजी से पूरा करने और विभागों के बीच के मुद्दों को सुलझाने पर सहमति जताई.

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निष्कर्ष

जल जमाव वाली 24 जगहों की पहचान से पता चलता है कि मानसून के दौरान दिल्ली के कई हिस्सों में ड्रेनेज की चुनौतियां बनी हुई हैं. हालांकि अधिकारियों ने कई विभागों के बीच तालमेल बढ़ाया है, लेकिन लंबे समय से समस्या वाली जगहों पर बार-बार जलभराव ये बताता है कि अभी और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों की जरूरत है. मॉनसून के बचे हुए महीनों में शहर में ट्रैफिक की रुकावटों को कम करने और आवाजाही को सुचारू बनाए रखने के लिए ड्रेनेज प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना, स्टॉर्मवॉटर सिस्टम का बेहतर रखरखाव और लगातार निगरानी जरूरी होगी.

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लेखक के बारे में

Shariqul Hoda

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 डिजिटल में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. मुख्य तौर पर वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खबरें लिखते हैं. शारिकुल ने 2008 में दूरदर्शन में बतौर इंटर्न अपनी शुरुआत की, इसके बाद वह दैनिक जागरण, टीवी टुडे नेटवर्क, जनसंदेश, श्री न्यूज़, भारत खबर, स्पोर्ट्सकीड़ा, WION और ज़ी न्यूज़ में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. उन्होंने 3 लोकसभा चुनाव और कई विधानसभा चुनाव से लेकर देश की बड़ी घटनाओं को कवर किया है. अपने डेढ़ दशक के मीडिया करियर में शारिकुल ने देश की राजनीति, इंटरनेशनल डिप्लोमेसी, खेलकूद से जुड़ी घटनाओं की अच्छी समझ हासिल की है. कितने साल का तजुर्बा: 16 साल शिक्षा: शारिकुल ने बैंगलोर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.
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