भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में 28 अक्टूबर 2026 का दिन हमेशा के लिए दर्ज हो गया है. Jio Platforms Limited (JPL) के ऐतिहासिक IPO की लिस्टिंग सेरेमनी के दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशक अनंत अंबानी (Anant Ambani) ने एक बेहद भावुक, आध्यात्मिक और प्रेरणादायक भाषण दिया. अपने संबोधन की शुरुआत ‘जय श्री कृष्णा’ और आभार के साथ करते हुए अनंत अंबानी ने कहा कि आज एक्सचेंज पर बजने वाली घंटी उनके लिए मंदिर की घंटी की तरह है, क्योंकि उनके लिए “बिजनेस पूजा है और हर पूजा का अंत प्रसाद के साथ होता है.” उन्होंने इस ऐतिहासिक दिन को भगवान गणेश, द्वारकानाथ जी, श्रीनाथ जी, बालाजी और भारत माता के चरणों में समर्पित किया. जानिये अनंत अंबानी के इस ऐतिहासिक भाषण की मुख्य बातें.
धीरूभाई और मुकेश अंबानी के सपनों का सफर
अनंत अंबानी ने रिलायंस की नींव और भारत की प्रगति के सफर को याद किया. उन्होंने बताया कि बरसों पहले चोरवाड़ के एक साधारण घर से हमारे दादाजी श्री धीरूभाई अंबानी का सपना निकला था, जो अदन (Aden) में पेट्रोल पंप पर नौकरी करते थे. उन्होंने दिखाया कि एक साधारण भारतीय भी असाधारण सपना देख सकता है. इसके बाद उनके पिता मुकेश अंबानी ने सपना देखा कि ‘भारत किसी से पीछे नहीं रहेगा’ और जामनगर की बंजर जमीन पर दुनिया की सबसे बड़ी रिफाइनरी खड़ी करके दिखा दी. फिर युवा भारत का नया सपना आया – हर हाथ में इंटरनेट. इस सपने का बीज ईशा दीदी ने बोया और आकाश भाई ने इसे अपना सपना बना लिया.
“Jio दिखता नहीं, पर हर डिजिटल सपने में धड़कता है”
अनंत अंबानी ने बताया कि कैसे जियो ने देश के कोने-कोने में आम लोगों की जिंदगी बदली है. जब दुनिया रुक गई थी, तब पढ़ाई नहीं रुकी. मां ने वीडियो कॉल पर सब्जी का रंग देखकर खाना पकाना सिखाया. घर बैठे भगवान के दिव्य दर्शन मिले. सीमा (सरहद) पर खड़े जवान ने वीडियो कॉल पर घर वालों से कहा- “मां, मैं ठीक हूं.” मुंबई के बड़े डॉक्टर ने राजस्थान के पाली के गंभीर मरीज का इलाज किया.
जियो पर भरोसा करने वाले 53 करोड़ सदस्यों को नमन करते हुए उन्होंने कहा, कि जियो आपने बनाया, आपके सपने पूरे करना ही हमारा सपना है.
पीएम मोदी का आभार और तीन शरीर, एक आत्मा का वादा
अनंत अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन का आभार व्यक्त किया, जिसने जियो को उसका उद्देश्य दिया. उन्होंने कहा कि आज वे, ईशा दीदी और आकाश भाई – तीन शरीर लेकिन एक आत्मा के रूप में खड़े हैं. रिलायंस नए सपने देखता रहेगा, लेकिन इसकी जड़ें दादाजी के सपने, दादी के आशीर्वाद, पिताजी के मार्गदर्शन और माताजी के विनम्रता के संस्कारों से जुड़ी रहेंगी. उन्होंने बारिश और धूप में टावरों पर चढ़ने वाले टेक्नीशियनों, इंजीनियरों, स्टोर टीमों और रिटेल पार्टनर्स की मेहनत को सलाम किया.