Passports कैसे बनते हैं ताकतवर? भारत का कितना शक्तिशाली, देखें देशवाइज रैंकिंग

How Passports Become Powerful: पासपोर्ट की ताकत सिर्फ वीजा-मुक्त यात्रा की पेशकश करने की क्षमता तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक कारकों को भी रिफ्लेक्ट करती है जो वैश्विक गतिशीलता को आकार देते हैं।

How Passports Become Powerful

How Passports Become Powerful

How Passports Become Powerful: पासपोर्ट की इंपोर्टेंस को समझने के लिए उसकी रैंकिंग को देखा जाता है। उसकी कीमत इस बात पर सीधा प्रभाव डालती है कि कोई व्यक्ति अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर कितनी आसानी से नेविगेट कर सकता है। इस आवागमन के संबंध में, उच्च प्रति व्यक्ति जीडीपी वाले देशों के लोगों के पास ऐसे पासपोर्ट होते हैं जो वीजा-मुक्त स्थानों तक अधिक पहुंच प्रदान करते हैं क्योंकि अमीर देशों को इमिग्रेशन के कम जोखिम वाले के रूप में देखा जाता है। हालिया पासपोर्ट की लिस्ट भी सामने आ गई है जिसमें आपको पता चल जाएगा कि सबसे मजबूत पासपोर्ट किस कंट्री का है और भारत-पाकिस्तान किस पायदान पर हैं। साथ ही ये भी जान लेते हैं कि कुछ पासपोर्ट दूसरों की तुलना में ज्यादा ताकतवर क्यों और कैसे होते हैं?

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इस कंट्री के नागरिक बिना वीजा के 180 से अधिक स्थानों में घूम सकते हैं

आप ये जान लें कि जापान और स्वीडन जैसे समृद्ध देशों के नागरिक बिना वीजा के 180 से अधिक स्थानों की यात्रा कर सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ये आय के मामले में आगे हैं और समृद्ध हैं। जबकि निम्न आय वाले देशों के नागरिकों को अधिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ता है। ये उनके देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए निर्धारित किया जाता है।

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किन देशों के नागरिकों को होती है परेशानी

कई देशों में जहां राजनीतिक अशांति या युद्ध चल रहा है, वहां के नागरिकों को यात्रा करना बहुत कठिन लग सकता है। इसमें कई बाधाएं आती हैं, जिनमें उन पर लगाए गए प्रतिबंध भी शामिल हैं। इनमें से कई क्षेत्र वीज़ा उल्लंघन और सुरक्षा दुरुपयोग के हाई रिस्क वाले हैं, जिससे यात्रा करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाता है। हालांकि,अधिक समृद्ध राष्ट्र राजनीतिक उथल-पुथल के बावजूद अभी भी कुछ हद तक स्वतंत्रता प्रदान कर सकते हैं, जैसे कि कतर और सऊदी अरब, जहां पासपोर्ट वहां लाए जाने वाले पैसों की तुलना में तेजी से जारी किए जाते हैं।

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आर्थिक और राजनीतिक कारकों का प्रभाव

ये भी जान लें कि पासपोर्ट की मजबूती किसी देश के आर्थिक कारकों जैसे उसकी समृद्धि और स्थिरता का सूचक है। आर्थिक रूप से विकसित और राजनीतिक रूप से स्थिर राष्ट्र अपने नागरिकों के लिए वीज़ा-मुक्त प्रवेश पर बातचीत करने में सक्षम हैं। वैश्विक स्तर पर उत्तर और दक्षिण के बीच गतिशीलता में अंतर बना हुआ है, क्योंकि आर्थिक और भू-राजनीतिक असंतुलन अभी भी पासपोर्ट की ताकत का निर्धारण कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, संयुक्त अरब अमीरात के नागरिक अब बिना वीजा के 175 देशों की यात्रा कर सकते हैं, जबकि 2006 में यह संख्या 35 देशों की थी।

टॉप 10 मजबूत पासपोर्ट की लिस्ट

रैंक  देश         वीज़ा-मुक्त स्कोर
1 सिंगापुर               195
2 जापान                 193
3 फिनलैंड             192
4 फ्रांस                 191
5 जर्मनी                191
6 इटली                 191
7 दक्षिण कोरिया   191
8 स्पेन                 191
9 ऑस्ट्रिया         191
10 डेनमार्क        190

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भारत कौन से स्थान पर

अब ये जान लेते हैं कि भारत का नंबर कहां हैं और वो किस रैंकिंग पर हैं। दरअसल पासपोर्ट 2025 की लेटेस्ट लिस्ट में भारत 85 वें स्थान पर हैं। ये पिछले साल से 5 स्थान नीचे आ गया है।

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