CRPF May Restore Lance Naik And Naik: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल अपने जवानों के लिए प्रमोशन के मौके बढ़ाने और पूर्व अग्निवीरों को आकर्षित करने के मकसद से, ‘लांस नायक’ और ‘नायक’ जैसे सेना के रैंकों को फिर से लागू करने पर विचार कर रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, CRPF हेडक्वार्टर ने देश भर में अपनी फील्ड इकाइयों को निर्देश दिया है कि वो जवानों के साथ मीटिंग करें और 2 दिनों के भीतर इस प्रस्ताव पर उनका फीडबैक लें.
CRPF इस कदम पर क्यों कर रहा विचार?
गृह मंत्रालय के एक आदेश के बाद 1997 में CRPF में इन दोनों रैंकों को खत्म कर दिया गया था और इन्हें पुलिस के ‘कांस्टेबल’ और ‘हेड कांस्टेबल’ पदों में मर्ज कर दिया गया था. हालांकि भारतीय सेना में ये दोनों रैंक अभी भी मौजूद हैं. पुरानी प्रमोशन व्यवस्था के तहत, कोई जवान 5 साल की सेवा के बाद ‘लांस नायक’, 10 साल बाद ‘नायक’ और तकरीबन 20 साल बाद ‘हेड कांस्टेबल’ बन सकता था.
हालांकि मौजूदा व्यवस्था के कारण प्रमोशन में काफी देरी हो रही है. तकरीबन 3.25 लाख जवानों वाले इस बल में, कांस्टेबलों को अपने पहले प्रमोशन के लिए आमतौर पर 22 से 25 साल तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे जवानों में असंतोष पैदा होता है. इन दोनों रैंकों को फिर से लागू करने से करियर में आगे बढ़ने के नए मौके मिल सकते हैं और जवानों का मनोबल भी बढ़ सकता है.
रिटायर हो रहे अग्निवीरों पर फोकस
इस प्रस्ताव पर इसलिए भी विचार किया जा रहा है क्योंकि केंद्र की 4 साल की ‘अग्निपथ योजना’ के तहत भर्ती किए गए अग्निवीरों का पहला बैच इस साल के अंत में मिलिट्री सर्विस से बाहर होने वाला है. एलिजिबल जवान CRPF सहित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) में नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं. फिलहाल इन बलों में एक अनौपचारिक व्यवस्था है, जिसके तहत कुछ कांस्टेबल ‘लांस नायक’ रैंक से मिलते-जुलते बैज लगाते हैं. लेकिन ‘नायक’ रैंक के लिए ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है.
योजना लागू करने को लेकर चिंताएं
‘एक्स-पैरामिलिट्री पर्सनल एसोसिएशन’ के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि इस प्रस्ताव का फायदा जवानों को तभी मिलेगा, जब प्रमोशन एक तय समय-सीमा के भीतर हों. CRPF के एक वरिष्ठ कमांडेंट ने भी इस बात पर जोर दिया कि ये कदम सिर्फ सिमबॉलिक नहीं, बल्कि ठोस होना चाहिए, साथ ही बटालियन के अनुशासन और कामकाज की दक्षता भी बनी रहनी चाहिए. प्रस्तावित बदलावों पर फैसला लेते समय बल को अपने मौजूदा अधिकारी ढांचे को भी ध्यान में रखना होगा.