पंजाब में खनन क्षेत्र में बड़ा बदलाव, CM भगवंत मान की नई नीति से जनता, किसान और उद्योग को फायदा
Author: Priya Sharma
Jan 10, 2026 01:56 PM IST
पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में खनन नीति में बड़े सुधार किए हैं. नई नीति का लक्ष्य रेत-बजरी की किल्लत खत्म करना, अवैध खनन रोकना और आम लोगों को सस्ती निर्माण सामग्री को उपलब्ध कराना है.
खान एवं भूविज्ञान मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि खनन को अब पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन प्रक्रिया में लाया जा रहा है, ताकि जनता के प्राकृतिक संसाधनों से जनता को ही फायदा मिल सके. नीति में हुए इन बदलावों के बाद अब राज्य में एकाधिकार की प्रथा खत्म होगी और सभी को समान अवसर मिलेंगे.
उन्होंने कहा कि नई नीति के तहत क्रशर मालिकों और भूस्वामियों को बड़ा फायदा मिलेगा. क्रशर उद्योग से जुड़े लोग अब अपनी जमीन से बजरी निकाल सकेंगे, जिससे दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी और स्थानीय रोजगार बढ़ेगा. वहीं पहली बार भूस्वामी कानूनी रूप से रेत निकालकर इसे खुद इस्तेमाल कर सकेंगे और बेच सकेंगे. इससे किसानों और जमीन मालिकों को और भी आमदनी होगी.
पंजाब सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस अपनाया जाएगा. सभी नए खनन कार्य दस्तावेजों और नियमों के तहत ही किए जाएंगे. इन मंजूरियों को तेज करने के लिए समयबद्ध प्रक्रिया शुरू की गई है और कई खनन स्थल अगले साल तक चालू होने की उम्मीद है.
पंजाब में पहली बार तीन साल बाद ऑनलाइन नीलामी भी कराई गई है, जिसमें 29 खदानों से 11.61 करोड़ रुपये की कमाई की गई. पंजाब सरकार का कहना है कि आगे 100 से ज्यादा स्थानों की नीलामी होगी, जिससे रेत और बजरी की आपूर्ति स्थिर रहेगी और राज्य का राजस्व भी बढ़ेगा.
पंजाब सरकार के अनुसार, नई खनन नीति पूर्ण पारदर्शिता, ईमानदारी और जनता के हित को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है. मुख्यमंत्री मान ने साफ कहा कि पंजाब के प्राकृतिक संसाधन जनता की संपत्ति हैं और उनका इस्तेमाल अब सिर्फ कानूनन और पारदर्शी तरीके से ही होगा.