वोटर लिस्ट में 'जीरो नंबर एड्रेस' का हुआ खुलासा, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताई ये वजह

लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर वोटर लिस्ट में कई मतदाताओं के एक एड्रेस को लेकर निशाना साधा था। रविवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी के इस सवाल का भी जवाब दिया है।

Election Commission, Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar, Zero Number Address, Chief Election Commissioner Press Conference, Delhi, चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, शून्य संख्या संबोधन, मुख्य चुनाव आयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस, दिल्ली

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीरो नंबर पते को लेकर बड़ा बयान दिया है। चुनाव आयुक्त ने कहा कि नए वोटर बनने के दौरान कई बार पंचायत और निकाय वोटरों को एक पते पर जीरो नंबर दे देता है। साथ ही शहर में अनाधिकृत कॉलोनी होती हैं। इन कॉलोनियों में मकान नंबर नहीं होते हैं। ऐसे में बीएलओ पते वाले कॉलम में जीरो नंबर डालते हैं। अगर उन्हें बाद में नंबर मिलता है तो वो उसे अपडेट भी कर देते हैं।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें: वोट चोरी के आरोपों पर चुनाव आयोग ने दिया जवाब, पढ़ें ECI की प्रेस कॉन्फ्रेंस की 10 बड़ी बातें

विज्ञापन

डुप्लीकेट EPIC दो तरह से हो सकते हैं

उन्होंने कहा कि डुप्लीकेट EPIC दो तरह से हो सकते हैं। एक, पश्चिम बंगाल में रहने वाले किसी व्यक्ति का EPIC नंबर एक हो और हरियाणा में रहने वाले किसी अन्य व्यक्ति का EPIC नंबर भी वही हो। मार्च 2025 के आसपास जब यह सवाल उठा, तो हमने इस पर चर्चा की और पूरे देश में इसका समाधान किया। लगभग 3 लाख लोग ऐसे मिले जिनके EPIC नंबर एक जैसे थे, इसलिए उनके EPIC नंबर बदल दिए गए।

विज्ञापन

SIR प्रक्रिया का कुछ लोग कर रहे हैं भ्रामक प्रचार

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि कुछ लोग भ्रामक प्रचार कर रहे हैं कि SIR प्रक्रिया इतनी जल्दी क्यों की जा रही है? मतदाता सूची में सुधार चुनाव से पहले होना चाहिए या बाद में? यह चुनाव आयोग नहीं कह रहा है, बल्कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम कहता है कि हर चुनाव से पहले मतदाता सूची में सुधार करना अनिवार्य है।

विज्ञापन

7 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचा चुनाव आयोग

उन्होंने आगे कहा कि यह चुनाव आयोग की कानूनी जिम्मेदारी है। फिर सवाल उठा कि क्या चुनाव आयोग बिहार के 7 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंच पाएगा? सच तो यह है कि यह काम 24 जून को शुरू हुआ और पूरी प्रक्रिया लगभग 20 जुलाई तक पूरी हो गई। इस पूरे मामले में झूठ बोला जा रहा है। जब उन लोगों से सबूत मांगे तो वह दिखा नहीं पाए। मतदाताओं को गुमराह किए जाने काम किया जा रहा है। ऐसे लोगों को देश से माफी मांगनी चाहिए।

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ