ऊंचाई वाले इलाकों में युद्ध की तैयारियों को परखते हुए भारत और अमेरिका की सेनाओं के संयुक्त अभ्यास युद्ध अभ्यास-2026 में एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर ने अपनी मारक क्षमता का प्रदर्शन किया. एमएफएफआर में आयोजित लाइव फायरिंग के दौरान एम-777 की तोपों ने सीधे निशाने पर फायर करते हुए निर्धारित सभी लक्ष्यों को सफलतापूर्वक ध्वस्त किया.
लाइव फायरिंग में एम-777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की गन क्रू ने सटीकता, तेज प्रतिक्रिया और युद्धक तैयारी का प्रदर्शन किया. लाइन ऑफ साइट में मौजूद लक्ष्यों को निशाना बनाया गया. फायरिंग के दौरान सभी निर्धारित लक्ष्यों को सफलतापूर्वक भेदा गया, जिससे तोपखाने के जवानों की दक्षता और समन्वय सामने आया. फायरिंग अभ्यास के बाद अमेरिकी सैन्य दल ने एम-777 की गन पोजीशन का दौरा किया. इस दौरान अमेरिकी और भारतीय सैनिकों ने अधिकारियों और जवानों के साथ बातचीत कर संचालन संबंधी अनुभव और पेशेवर जानकारी साझा की. दोनों पक्षों के बीच युद्धक प्रक्रियाओं, बेहतर गन संचालन और व्यावहारिक अनुभवों को लेकर विचारों का आदान-प्रदान हुआ.
मोर्चे पर सैनिकों के साथ कदम मिलाकर चलने वाले सेना के चार जांबाज श्वानों ने युद्ध अभ्यास-2026 में अपनी फुर्ती और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया. राइस, विक्टर, जैक और राउडी ने अमेरिकी सेना के साथ पेशेवर आदान-प्रदान के दौरान रूम-इंटरवेंशन और रैपलिंग जैसे अभ्यासों में हिस्सा लिया. इनमें स्वदेशी नस्ल रैम्पुर हाउंड के विक्टर और राउडी, जबकि जैक बेल्जियन मैलिनोइस और राइस लैब्राडोर हैं. रैम्पुर हाउंड पहले मेघालय के उमरोई में बहुराष्ट्रीय अभ्यास में क्षमता दिखा चुके हैं और मणिपुर सीमा पर आईईडी का पता लगा चुके हैं. इनके भाई-बहनों ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जालंधर और अमृतसर सेक्टर में भी तैनाती निभाई थी.