Youth Congress Leader Sacked: इंडियन यूथ कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली में हुई ‘इंडिया’ गठबंधन की रैली में शामिल न होने वाले सदस्यों के खिलाफ एक बड़ा अनुशासनात्मक अभियान शुरू किया है. खबरों के मुताबिक, कई राज्यों में लगभग 200 पदाधिकारियों को सस्पेंड किया गया है. संगठन की समीक्षा अभी जारी है, ऐसे में ये संख्या 500 तक पहुंच सकती है. सस्पेंशन नोटिसों के मुताबिक, 7 राज्यों के कम से कम 185 सदस्यों को नोटिस जारी कर उनसे रैली में न आने का कारण पूछा गया है.
परिवार में शोक के बावजूद नेता को पद से हटाया गया
इस कार्रवाई से पार्टी के कई कार्यकर्ताओं में नाराजगी है. ऐसा ही एक मामला यूथ कांग्रेस के महासचिव रोहित राजोरिया का है. वो अपने दिवंगत चाचा की 13वीं के कार्यक्रम में शामिल होने के कारण रैली में नहीं जा पाए थे, जिसके बाद उन्हें उनके पद से हटा दिया गया.
राजोरिया ने ‘एनडीटीवी’ है कि उन्होंने पहले ही लीडरशिप को बता दिया था कि वे दिल्ली नहीं आ पाएंगे. उन्होंने सबूत के तौर पर पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण कार्ड भी पेश किया. इस फैसले पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने संगठन के लिए 15 साल काम किया है, 15 FIR का सामना किया है और पार्टी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान 3-4 बार जेल भी गए हैं. उन्होंने बिना अपनी बात रखने का मौका दिए पद से हटाए जाने पर निराशा जताई.
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा सस्पेंशन
सबसे ज्यादा सस्पेंशन मध्य प्रदेश में हुए हैं जहां 60 सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. इसके बाद गुजरात में 49 और पश्चिम बंगाल में 26 सदस्यों पर कार्रवाई हुई है. अन्य राज्यों में तेलंगाना (14), उत्तर प्रदेश (13), हिमाचल प्रदेश (13) और हरियाणा (10) शामिल हैं.
रैली से पहले संगठन ने राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर के पदाधिकारियों के लिए मौजूदगी अनिवार्य कर दी थी. इसमें शामिल होने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड रखने के लिए बारकोड स्कैनर और ‘With IYC’ मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया गया था. हालांकि यूथ कांग्रेस का दावा है कि रैली में 15000 कार्यकर्ता शामिल हुए, लेकिन आंतरिक रिकॉर्ड के अनुसार ऐप पर सिर्फ 2831 लोगों ने ही रजिस्ट्रेशन कराया था.
IYC ने किया फैसले का बचाव
इंडियन यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब ने ‘एनडीटीवी’ को इस फैसले का बचाव करते हुए कहा कि जिन पदाधिकारियों ने संगठन के निर्देशों का पालन नहीं किया, उन्हें जवाबदेही तय करने के लिए पद से हटाया गया है. इस बीच, कांग्रेस का ‘वॉर रूम’ भी मौजूदगी और संगठनात्मक कामकाज की समीक्षा कर रहा है. बीजेपी ने कांग्रेस के लोगों को जुटाने के दावों पर सवाल उठाए हैं. सांसद संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि रामलीला मैदान में कई सीटें खाली रह गईं. राहुल गांधी ने ‘इंडिया’ गठबंधन के नेताओं के साथ मिलकर सभा को संबोधित किया और ईवीएम और वोटर लिस्ट में चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगाए.