नई दिल्ली: सोनू सूद ने कोविड-19 महामारी के दौरान कई मजबूर लोगों की मदद की थी। अपनी दयालुता के लिए लोकप्रियता हासिल की। लेकिन सोशल मीडिया पर उनमें से एक की जमकर आलोचना हो रही है। उनका एक वीडियो, जिसे अभिनेता ने खुद सोशल मीडिया पर साझा किया था। वीडियो में वो चलती ट्रेन के दरवाजे के पायदान पर बैठे हुए हैं। इस वीडियो में ‘मुसाफिर हूं यारो, न घर है न ठिकाना..मुझे चलते जाना है…बस चलते जाना है’ गाना बज रहा है। अब उत्तर रेलवे ने सोनू सूद के इस वीडियो को खतरनाक बताया है।

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उत्तर रेलवे ने अपने वैरिफाइड ट्विटर अकाउंट से सोनू सूद का वीडियो रीट्वीट करते हुए लिखा है- प्रिय सोनू सूद! देश और दुनिया के लाखों लोगों के लिए आप एक आदर्श हैं। ट्रेन के पायदान पर बैठकर यात्रा करना खतरनाक है, इस प्रकार के वीडियो से आपके प्रशंसकों को गलत संदेश जा सकता है। कृपया ऐसा न करें! सुगम एवं सुरक्षित यात्रा का आनंद उठाएं।

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सोनू सूद ने मांगी माफी

इससे पहले मुंबई रेलवे पुलिस कमिश्नरेट ने भी सोनू सूद को चेतावनी देते हुए कहा था कि यह खतरनाक है और वास्तविक जीवन में ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। सोनू सूद ने मांफी मांग ली। ट्विट करते हुए लिखा कि क्षमा प्रार्थी, बस यूँ ही बैठ गया था देखने, कैसा महसूस करते होंगे वो लाखों ग़रीब जिनकी ज़िंदगी अभी भी ट्रेन के दरवाज़ों पे गुज़रती है। धन्यवाद इस संदेश के लिए और देश की रेल व्यवस्था बेहतर करने के लिए।

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कोरोना काल में सोनू सूद ने हजारों लोगों की मदद की थी और लोग उन्हें मसीदा मानने लगे थे। सोनू सूद ने लोगों के लिए अस्पताल के बेड से लेकर दवाईयां, ऑक्सीजन तक का इंतजाम किया था, इतना ही नहीं लोगों को घर पहुंचाने के लिए सोनू सूद ने बसों का इंतजाम भी किया था।

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