हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Gyanesh KumarsirBigg Boss 20

महिला आरक्षण बिल पर फिलहाल ‘ब्रेक’, मानसून या विशेष सत्र में आ सकता है प्रस्ताव

महिला आरक्षण बिल यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच एक अहम अपडेट सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, संसद के मौजूदा सत्र में महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन बिल पेश नहीं किया जाएगा. सरकार ने लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में इस बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है.

विज्ञापन

महिला आरक्षण बिल यानी ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर जारी सियासी हलचल के बीच एक अहम अपडेट सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, संसद के मौजूदा सत्र में महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन बिल पेश नहीं किया जाएगा. सरकार ने लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (BAC) की बैठक में इस बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है.

हालांकि, इसे पूरी तरह टालने के बजाय सरकार ने विकल्प खुले रखे हैं. सूत्रों का कहना है कि सरकार इस अहम विधायी कदम के लिए सही समय और राजनीतिक माहौल का इंतजार कर रही है. जरूरत पड़ने पर केवल इसी मुद्दे पर चर्चा और पारित कराने के लिए विशेष सत्र बुलाया जा सकता है. वहीं, एक विकल्प के तौर पर इसे मानसून सत्र में पेश करने की तैयारी भी है.

इस बीच, सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लागू करने की दिशा में अंदरखाने तैयारी तेज कर चुकी है. सबसे बड़ा फोकस अब इस बात पर है कि महिला आरक्षण के तहत सीटों का निर्धारण कैसे होगा. चर्चा है कि इसके लिए जनगणना और परिसीमन की अनिवार्य शर्तों को अलग (डीलिंक) करने पर गंभीर मंथन चल रहा है, ताकि प्रक्रिया में हो रही देरी को खत्म किया जा सके.

विज्ञापन

सूत्रों के अनुसार, सीटों के निर्धारण के लिए लॉटरी सिस्टम अपनाने का फॉर्मूला तैयार किया जा रहा है. इसके तहत महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें तय होंगी और हर 15 साल में उनका रोटेशन होगा, जिससे अलग-अलग क्षेत्रों को प्रतिनिधित्व का मौका मिल सके.

प्रस्ताव के मुताबिक लोकसभा और विधानसभाओं में कुल सीटों की संख्या बढ़ाकर करीब 816 की जा सकती है. इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, यानी कुल सीटों का 33 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं को मिलेगा. साथ ही सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए अनुसूचित जाति (SC) सीटों को 84 से बढ़ाकर 136 और अनुसूचित जनजाति (ST) सीटों को 47 से बढ़ाकर 70 करने की तैयारी है. इन वर्गों के भीतर भी एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी.

विज्ञापन

वहीं, इस मुद्दे पर विपक्ष भी सक्रिय हो गया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसदीय कार्य मंत्री को पत्र लिखकर महिला आरक्षण पर सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है. उनका सुझाव है कि पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के चुनाव के बाद इस पर व्यापक चर्चा हो, ताकि सभी दलों के बीच सहमति बनाई जा सके.

कुल मिलाकर, महिला आरक्षण का मुद्दा फिलहाल टल जरूर गया है, लेकिन राजनीतिक एजेंडे से बाहर नहीं हुआ है. अब नजर इस बात पर है कि सरकार विपक्ष की मांग मानकर सर्वदलीय बैठक बुलाती है या फिर विशेष सत्र के जरिए इस पर बड़ा फैसला लेती है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola