हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

Delhi-NCR में बार-बार क्यों आ रहे भूकंप, कहीं यह किसी अनहोनी की आहट तो नहीं..

Delhi Earthquake Update: वैज्ञानिकों का कहना है कि जब कभी भूकंप की तीव्रता 5.0 रिएक्टर स्केल से अधिक होती है तो ऐसे में कमजोर इमारतों को नुकसान पहुंचता है।

विज्ञापन
Earthquake Tremors

Delhi Earthquake Update: दिल्ली-एनसीआर में सोमवार आधी रात को लोग नींद में थे, जब अचानक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। लोग थरथराहट के साथ उठे। पंखा और टेबल हिलते हुए देखा तो घबराहट के साथ घरों से बाहर निकलकर भागे। इससे पहले 11 जनवरी को एनसीआर में  भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। अब यहां सवाल यह उठता है कि आखिर दिल्ली-एनसीआर में ही क्यों बार-बार भूकंप के झटके आ रहे हैं?  लगातार आ रहे इन भूकंप के झटकों ने वैज्ञानिकों को अलर्ट कर दिया है।

बार-बार भूकंप आने के यह हैं प्रमुख कारण

भूकंप पर काम करने वाला नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में बार-बार भूकंप आने के कई कारण है। पहला तो एनसीआर सिस्मिक जोन 4 में आता है। दरअसल, भूकंप को चार जोन में बांटा गया है। सिस्मिक जोन 4 में ऐसे शहर आते हैं जहां रुक-रुकर भूकंप आते हैं और यहां लगातार भूकंप का खतरा बना रहता है। इस जोन में बिहार-नेपाल बॉर्डर, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी गुजरात, जम्मू-कश्मीर, आदि के हिस्से शामिल हैं। सोमवार देर रात दिल्ली में जो भूकंप आया उसका केंद्र चीन-नेपाल बॉर्डर पर था। जिसकी रिक्टर स्केल  पर तीव्रता 7.2 मापी गई है।

हिन्दुकुश यूरेशियन प्लेट में टकराव से आ रहे भूकंप

जानकारी के अनुसार फिलहाल हिन्दुकुश पर्वत पर यूरेशियन प्लेटों में टकराव हो रहा है। दिल्ली हिमालय के पास है, यही कारण है कि यहां बार-बार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं। हालांकि नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के वैज्ञानिकों की मानें तो फिलहाल दिल्ली को किसी बड़े भूकंप का खतरा तो नहीं है। लेकिन जिस तरह यहां की भौगोलिक स्थिति और निर्माणकार्य हैं, अगर तीव्रता अधिक रही तो नुकसान होने का खतरा अधिक है।

विज्ञापन

ये भी पढ़ें: उत्तर भारत में भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकले लोग

कितनी तीव्रता का भूकंप है घातक

वैज्ञानिकों की कहना है कि जब कभी भूकंप की तीव्रता 5.0 रिएक्टर स्केल से अधिक होती है तो ऐसे में कमजोर इमारतों को नुकसान पहुंचाता है। इसके अलावा 6.0 ऊपर तीव्रता जाने पर जानमाल का बड़े स्तर पर नुकसान होना संभव है। इसे काफी घातक मानते हैं। वहीं, 4.0 से 4.9 की बीच तीव्रता रहने पर लोगों को बेचैनी और झनझनाहट फील होती है।

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola