'भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए', साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कांग्रेस पर साधा निशाना

Malegaon blast 2008: मालेगांव विस्फोट मामले में एनआईए कोर्ट से बरी होने वाली साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए हैं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।

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साध्वी प्रज्ञा सिंह। फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया।

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2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में एनआईए कोर्ट से बरी होने वाली साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने भगवा आतंकवाद शब्द गढ़ने वालों पर निशाना साधा है। साध्वी सिंह बरी होने के बाद रविवार को भोपाल लौटीं। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भगवा आतंकवाद कहने वालों के मुंह काले हुए हैं। समाज और देश ने उन्हें ठोस जवाब दिया है। अदालत का फैसला बिल्कुल स्पष्ट है। इसके पीछे उन्होंने कांग्रेस के लोगों को बताया है। बता दें कि 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में साध्वी प्रज्ञा को मुख्य आरोपी बनाया था। एनआईए कोर्ट ने सबूतों के अभाव में साध्वी समेत सभी 7 आरोपियों को बरी कर दिया था।

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सत्य की हुई जीत

साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा कि अदालत का फैसला उन लोगों के मुंह पर तमाचा है, जिन्होंने इसे ‘भगवा आतंकवाद’ कहा था। उन्होंने इसे पहले भी ‘भगवा आतंकवाद’ और ‘हिंदू आतंकवाद’ कहा है। वे एक ही श्रेणी के लोग हैं। वे सभी कांग्रेस के सदस्य हैं। कहा कि सत्य की जीत हुई है। धर्म और सत्य हमारे पक्ष में थे, इसलिए हमारी जीत तय थी। सत्यमेव जयते! साध्वी प्रज्ञा सिंह ने कहा कि मैंने यह पहले भी कहा था और अब यह सिद्ध हो गया है। विरोधियों के, विरोधियों के मुंह काले हुए हैं। उन्हें जवाब मिल गया है। देश हमेशा धर्म और सत्य के साथ रहा है और हमेशा रहेगा।

झूठा नाम लेने का था दबाव

मालेगांव विस्फोट मामले में सभी आरोपी बरी हो गए हैं। बरी होने के बाद साध्वी से पूछा गया कि क्या पीएम मोदी, योगी जैसे बड़े नेताओं का नाम लेने के दबाव था? इसपर साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि हां, मुझे मजबूर किया गया था। लेकिन मैं दबाव में नहीं झुकी और किसी का नाम नहीं लिया, किसी को झूठा नहीं फंसाया। इसलिए, मुझे बहुत टॉर्चर भी किया गया।

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