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WHO का दावा- मंकीपॉक्स के वैक्सीन 100% प्रभावी नहीं, ऐसे कर सकते हैं अपना बचाव

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Monkeypox Vaccines

नई दिल्ली: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दावा किया है कि मंकीपॉक्स के वैक्सीन फिलहाल 100 फीसदी कारगर या प्रभावी नहीं है, इसलिए लोगों को खतरनाक मंकीपॉक्स के संक्रमण के खिलाफ उन तमाम एहतियातों को बरतना चाहिए जो गाइडलाइन के रूप में जारी किए गए हैं। WHO के टेक्निकल चीफ रोसमंड लुईस ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। बता दें कि दुनिया के 92 से अधिक देशों में मंकीपॉक्स के 35,000 से अधिक मामले सामने आए हैं और अब तक मंकीपॉक्स संक्रमण से 12 लोगों की मौत हो चुकी है।

 

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डब्ल्यूएचओ के चीफ डॉक्टर टैड्रॉस ऐडहेनॉम घेबरेयेसस ने कहा कि पिछले सप्ताह लगभग 7,500 मामले सामने आए थे, जो पिछले सप्ताह की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। डब्ल्यूएचओ चीफ ने यह भी कहा कि यूरोप और अमेरिका से अधिकांश मंकीपॉक्स के मामले सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग आमतौर पर बिना इलाज के कुछ ही हफ्तों में मंकीपॉक्स से ठीक हो जाते हैं। इसके लक्षण शुरू में फ्लू जैसे होते हैं, जैसे बुखार, ठंड लगना। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, यह रोग छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और ऐसे व्यक्तियों के लिए अधिक गंभीर हो सकता है जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है।

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मंकीपॉक्स क्या है?

मंकीपॉक्स (MPX) एक वायरल जूनोटिक बीमारी है जिसमें चेचक के समान लक्षण होते हैं। MPX को पहली बार 1958 में रिसर्च के लिए रखे गए बंदरों में खोजा गया था, इसलिए इसका नाम ‘मंकीपॉक्स’ पड़ा। मनुष्य में मंकीपॉक्स का पहला मामला 1970 में कांगो में दर्ज किया गया था। मंकीपॉक्स वायरस मुख्य रूप से मध्य और पश्चिम अफ्रीका में होता है।

2003 में अफ्रीका के बाहर पहला मंकीपॉक्स का केस संयुक्त राज्य अमेरिका में दर्ज किया गया था। मंकीपॉक्स का लक्षण आमतौर पर 2 से 4 सप्ताह तक रहता है। वायरस के जोखिम की सीमा, रोगी के स्वास्थ्य की स्थिति और जटिलताओं की प्रकृति से संबंधित होते हैं।

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कैसे फैलता है मंकीपॉक्स

मंकीपॉक्स संक्रमण बहुत करीबी के संपर्क में आने पर ही फैलता है, जैसे मां से बच्चे में और पति से पत्नी में या पत्नी से पति में। इसके अलावा यह संक्रमित व्यक्ति के शरीर के तरल पदार्थ या घाव के सीधे संपर्क में आने से भी फैलता है। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के दूषित कपड़ों से भी ये फैल सकता है।

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