कौन हैं सिमरन बाला? गणतंत्र दिवस पर CRPF की पुरुष टुकड़ी को लीड करने वाली पहली महिला, 26 जनवरी को रचेंगी इतिहास

राजौरी की सिमरन बाला गणतंत्र दिवस पर इतिहास रचने जा रही हैं. वह सीआरपीएफ की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनेंगी और कर्तव्य पथ पर 140 जवानों को लीड करेंगी.

SIMRAN BALA

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली 26 वर्षीय सिमरन बाला इस साल गणतंत्र दिवस पर एक नया इतिहास लिखने जा रही हैं. सहायक कमांडेंट सिमरन बाला पहली ऐसी महिला अधिकारी होंगी जो दिल्ली के कर्तव्य पथ पर सीआरपीएफ की पुरुष टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी. वह अपने जिले की पहली महिला हैं जो अधिकारी रैंक में देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल का हिस्सा बनी हैं. सिमरन ने अपनी शुरुआती शिक्षा के बाद जम्मू के गांधी नगर स्थित सरकारी महिला कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की है. उनकी यह कामयाबी न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए गर्व का विषय है क्योंकि वह 140 से अधिक पुरुष जवानों की कमान संभालकर देश की नारी शक्ति का लोहा मनवाएंगी.

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नक्सल मोर्चे पर पहली तैनाती

सिमरन बाला को अप्रैल 2025 में सीआरपीएफ में शामिल किया गया था और उनकी काबिलियत को देखते हुए उनकी पहली पोस्टिंग छत्तीसगढ़ की खतरनाक ‘बस्तरिया’ बटालियन में की गई. यहां उन्होंने नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना सीखा. यूपीएससी द्वारा आयोजित सीएपीएफ परीक्षा पास करने के बाद उन्होंने गुरुग्राम स्थित सीआरपीएफ अकादमी में कड़ा प्रशिक्षण लिया था. ट्रेनिंग के दौरान भी सिमरन का प्रदर्शन शानदार रहा जिसके लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ प्रशिक्षु अधिकारी और जन व्याख्यान विषय में विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया. उनके करियर का यह शुरुआती दौर ही उनकी बहादुरी और नेतृत्व क्षमता की गवाही देता है.

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पुरुष टुकड़ी को लीड करने वाली पहली महिला

आमतौर पर गणतंत्र दिवस की परेड में महिला अधिकारी महिला टुकड़ियों का ही नेतृत्व करती रही हैं लेकिन यह पहली बार है जब कोई महिला ऑफिसर पुरुषों के दस्ते को लीड करेगी. सीआरपीएफ देश का सबसे बड़ा आंतरिक सुरक्षा बल है जिसमें करीब सवा तीन लाख जवान शामिल हैं. इस बल की मुख्य जिम्मेदारी नक्सलियों से लड़ना, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद का सामना करना और पूर्वोत्तर राज्यों में शांति बहाल करना है. सिमरन बाला की अगुवाई में सीआरपीएफ का यह दस्ता जब कर्तव्य पथ पर मार्च करेगा तो यह पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक पल होगा. अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सिमरन इस ऐतिहासिक जिम्मेदारी के लिए पूरी तरह तैयार हैं और लगातार अभ्यास कर रही हैं.

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परेड में महिला ‘डेयर डेविल्स’ का रोमांच

इस बार की गणतंत्र दिवस परेड में सिमरन बाला के नेतृत्व के अलावा और भी कई रोमांचक दृश्य देखने को मिलेंगे. सीआरपीएफ और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की महिला ‘डेयर डेविल्स’ की एक संयुक्त टीम बुलेट मोटरसाइकिल पर हैरतअंगेज करतब दिखाएगी. इससे पहले महिला जवानों ने 2020 में भी अपनी इस बहादुरी से सबका दिल जीता था. इसके अलावा सीआईएसएफ का पैदल दस्ता और बैंड टीम भी परेड की शोभा बढ़ाएंगे. वहीं सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की मशहूर ऊंट सवार टुकड़ी अपने बैंड के साथ कर्तव्य पथ पर उतरेगी. रायसीना हिल से शुरू होकर लाल किले तक जाने वाली यह परेड भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विविधता का बेजोड़ संगम साबित होगी.

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लेखक के बारे में

Raja Alam

Raja Alam

राजा आलम वर्तमान में News 24 हिंदी (B.A.G. Network) में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. हिंदी पत्रकारिता में चार वर्षों के अनुभव के साथ नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर बारीकी से लेखन कर रहे हैं. पत्रकारिता की नींव देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU), अलीगढ़ से रखी, जहां से राजा आलम ने पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद, हिंदी लेखन में गहराई को और विस्तार दिया जब राजा ने जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से हिंदी साहित्य में एम.ए. की डिग्री प्राप्त की. हर रोज़ कुछ नया सीखना और पाठकों तक सही, निष्पक्ष और भरोसेमंद खबर पहुंचाना उनका मुख्य उद्देश्य रहा है. राजा के लेखन में आपको पत्रकारिता की गंभीरता के साथ-साथ पाठकों से जुड़ने वाली सरल भाषा और कंटेंट की विविधता दोनों मिलेंगे.
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