IIT बॉम्बे के स्टूडेंट साहिल वाकोडे के सुसाइड केस में आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को सस्पेंड किया गया है. 18 सितंबर को साहिल वाकोडे की मौत के बाद छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और 18 मांगें रखीं, जिन पर करीब 3 घंटे की चर्चा के बाद संस्थान के डायरेक्टर ने साइन किए और प्रोफेसर दूल्ला को सस्पेंड कर दिया. साहिल वाकोडे को एग्जाम के दौरान मोबाइल फोन में AI यूज करते हुए कोर्स इंस्ट्रक्टर और इनविजिलेटर प्रोफेसर दूल्ला ने ही पकड़ा था. इस दौरान साहिल को प्रताड़ित करने के आरोप प्रोफेसर पर लगे थे, उनके खिलाफ मुंबई क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर लिया है.
कौन हैं प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला?
प्रोफेसर दूल्ला IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट (DESE) में 10 साल से प्रोफेसर हैं. प्रोफेसर दुल्ला पावर सिस्टम्स, स्मार्ट ग्रिड्स और रिन्यूएबल एनर्जी के विशेषज्ञ हैं, जिसके लिए साल 2021 में उन्हें प्रोफेसर एसपी सुखात्मे एक्सीलेंस इन टीचिंग अवार्ड भी मिला. IIT बॉम्बे के डीन ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स रह चुके दूल्ला संस्थान की मशहूर फैल्टी हैं. दूल्ला ने नागार्जुन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से साल 2010 में BTech की डिग्री ली थी. IIT बॉम्बे से एनर्जी सिस्टम्स इंजीनियरिंग में साल 2002 में MTech किया. IIT दिल्ली से पावर सिस्टम में साल 2007 में Phd पूरी की.
बेंगलुरु-हैदराबाद के बाद बॉम्बे में नौकरी
IIT बॉम्बे में नौकरी से पहले दूल्ला ने बेंगलुरु में पावर रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स में नौकरी. हैदराबाद में ‘मशीन 2 मशीन’ के साथ काम करने के बाद उन्हें प्रोफेसर की नौकरी मिली. दूल्ला ने हॉस्टल वार्डन से लेकर स्टूडेंट्स अफेयर्स के डीन की जिम्मेदारी तक निभाई. JEE एडवांस्ड से लेकर देश की कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में वे अहम भूमिका निभाते हैं. उनके शानदार करियर को देखते हुए ही IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने उनके निलंबन का विरोध करते हुए यह तर्क दिया है कि इनविजिलेटर का जो काम होता है, उन्होंने वही किया है और अपना काम करने में कोई बुराई नहीं है.
क्या है साहिल वाकोडे की सुसाइड केस?
बता दें कि IIT बॉम्बे में सेकंड ईयर के स्टूडेंट 20 साल के साहिल वाकोडे को एग्जाम में चीटिंग करते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद 18 सितंबर को उसने सुसाइड कर लिया था. मिड सेमेस्टर एग्जाम के दौरान साहिल वाकोडे से फोन बरामद हुआ था, जिसमें वह चैटजीपीटी का इस्तेमाल कर रहा था. एग्जाम में बतौर इनविजिलेटर ड्यूटी दे रहे प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला ने साहिल को पकड़ा था और शिकायत भी की थी. इस दौरान साहिल को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के साथ-साथ जातिगत भेदभाव करने के आरोप परिवार ने लगाए, इसलिए उनके खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.