Ashok Khemka: 1991 बैच के IAS अफसर अशोक खेमका को परिवहन विभाग में ACS नियुक्त किया गया है। उनकी सेवानिवृत्ति अगले साल अप्रैल में है। रिटायरमेंट से 5 महीने पहले खेमका को हरियाणा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। खेमका अपनी 33 साल की सर्विस के दौरान 57 बार ट्रांसफर किए जा चुके हैं। इससे पहले उनके पास प्रिंटिंग और स्टेशनरी विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव की जिम्मेदारी थी। खेमका को रविवार को नई नियुक्ति मिली है। इससे पहले एसीएस की जिम्मेदारी आईपीएस अधिकारी नवदीप विर्क के पास थी। खेमका की रिटायरमेंट 30 अप्रैल 2025 को है।
मनोहर लाल सरकार में मिली थी जिम्मेदारी
मनोहर लाल सरकार में उनको परिवहन आयुक्त की जिम्मेदारी दी गई थी। उस समय वे सिर्फ 4 महीने ही इस पद पर रहे थे। अब एक दशक बाद फिर उनकी परिवहन विभाग में वापसी हो रही है। परिवहन विभाग का जिम्मा इस समय अनिल विज के पास है। परिवहन आयुक्त के तौर पर उन्होंने बड़े ट्रेलरों के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र जारी करने से इनकार कर दिया था। जिसके बाद ट्रक चालकों ने स्ट्राइक की थी।
यह भी पढ़ें:Comedian Sunil Pal के किडनैपर्स कैमरे में कैद, फिरौती के पैसे से मेरठ में खरीदा सोना
इसके बाद सरकार ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR) 1989 के अनुरूप व्हीकल्स को संशोधित करने के लिए एक वर्ष की समय सीमा लागू की थी। इसके बाद स्ट्राइक खत्म हुई थी। 10 साल पहले खेमका का एक ट्वीट चर्चा में रहा था। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा था कि भ्रष्टाचार को दूर करने और गंभीर सीमाओं और निहित हितों के बावजूद उन्होंने काम किया। परिवहन में सुधार लाने के लिए कड़ी मेहनत की। यह क्षण वास्तव में दर्दनाक है। खेमका ने तत्कालीन सीएम मनोहर लाल को भी लेटर लिखा था। जिसमें सतर्कता विभाग में भ्रष्टाचार दूर करने की बात कही थी।
हर छह महीने में तबादला
23 जनवरी 2023 को खेमका ने लेटर में कहा था कि काम का अंसतुलित वितरण जनहित के लिए ठीक नहीं है। वे हमेशा भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में आगे रहे हैं। भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करना जरूरी है। इसलिए मैं सतर्कता विभाग में सेवाएं देने की पेशकश करता हूं। आपको भरोसा दिलाता हूं कि यह असली लड़ाई होगी। कोई कितना भी बड़ा ताकतवर क्यों न हो? दोषी पाए जाने पर किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। बता दें कि पिछले 12 साल में खेमका ऐसे विभागों में तैनात रहे हैं, जिन्हें ‘लो प्रोफाइल’ माना जाता है। पूरे करियर में औसतन हर 6 महीने में उनका तबादला होता रहा है। वे कई बार पदोन्नति को लेकर भी निराशा जाहिर कर चुके हैं।
यह भी पढ़ें:पुणे में भीषण हादसा, तेज रफ्तार कार पलटने से 2 ट्रेनी पायलटों की मौत, 2 गंभीर
संबंधित खबरें
SIR में 'गड़बड़ी' को लेकर राहुल की याचिका पर SC ने EC को जारी किया नोटिस
2 hrs agoजंतर-मंतर को डी-नोटिफाई करने की वजह क्या थी? SC से केंद्र सरकार को नोटिस
2 hrs ago'कोई भी न्यायपालिका को धमका नहीं सकता', राहुल गांधी के मार्च पर SC सख्त
2 hrs agoराहुल ने बढ़ाया दीपके की तरफ हाथ? प्रशांत भूषण के जरिए बुलाया था चाय पर
2 hrs agoमुस्कान-साहिल को फांसी की सजा देते ही जज ने कूड़े में क्यों फेंका पेन?
3 hrs ago'धर्मांतरण के बाद नहीं मिलेगा आरक्षण का फायदा', सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
3 hrs agoतिहाड़ में कैसे बीती आशुतोष और सौरभ की पहली रात, अलग-अलग बैरक में क्यों?
4 hrs agoमां मुस्कान को मौत की सजा, मासूम 'राधा' का क्या होगा? कहां जाएगी बच्ची
4 hrs agoमौत की सजा सुनते ही फफक फफक कर रोए मुस्कान-साहिल, छोड़ दिया खाना
7 hrs agoअंकिता भंडारी के माता-पिता हिरासत से रिहा, दिल्ली पुलिस पर बदसलूकी के आरोप
7 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines