हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

निहंग कौन हैं? जानिए नीली पगड़ी, लोहे के कड़े और 300 साल पुरानी वीर परंपरा का इतिहास

नीली पगड़ी, हाथों में लोहे के कड़े, पारंपरिक हथियार और निडर व्यक्तित्व, निहंग सिखों की पहचान सदियों पुरानी है. आखिर निहंग कौन हैं, उनकी वेशभूषा इतनी अलग क्यों होती है और उनका इतिहास क्या कहता है?

विज्ञापन
Credit: Social Media

निहंग सिख धर्म के एक प्रसिद्ध योद्धा संप्रदाय हैं. उन्हें ‘अकाली निहंग’ भी कहा जाता है. ये परंपरा लगभग 300 साल पुरानी मानी जाती है और इसका कनेक्शन सिखों की वीरता, धार्मिक आस्था और युद्ध कौशल से जुड़ा हुआ है. इतिहासकारों के मुताबिक, निहंगों का विकास गुरु गोबिंद सिंह जी के समय में हुआ, हालांकि उनकी उत्पत्ति को लेकर अलग-अलग मत भी मिलते हैं. निहंगों की सबसे बड़ी पहचान उनकी ऊंची नीली पगड़ी (दस्तार) होती है. इस पगड़ी में कई बार लोहे के चक्र और छोटे पारंपरिक हथियार भी लगाए जाते हैं. नीला रंग साहस, बलिदान और निडरता का प्रतीक माना जाता है. युद्ध के समय ये पगड़ी सुरक्षा के साथ-साथ उनकी अलग पहचान भी बनाती थी.

लोहे के कड़े और हथियारों का महत्व

निहंग अपने हाथों में सामान्य कड़े से ज्यादा मोटे और मजबूत लोहे के कड़े पहनते हैं. इन्हें जंगी कड़ा कहा जाता है. इसके अलावा वो कृपाण, तलवार, भाला और चक्रम जैसे पारंपरिक हथियार भी धारण करते हैं. इनका मकसद सिर्फ युद्ध नहीं, बल्कि धर्म और समाज की रक्षा का संदेश देना भी है. निहंग अपने अनुशासित जीवन और धार्मिक नियमों के पालन के लिए जाने जाते हैं. वो गुरु ग्रंथ साहिब का सम्मान करते हैं और सिख परंपराओं के मुताबिक, जीवन जीने की कोशिश करते हैं. घुड़सवारी, पारंपरिक युद्ध कला (गतका) और शस्त्र प्रशिक्षण आज भी उनकी पहचान का हिस्सा हैं.

इतिहास में अहम भूमिका

मुगल काल और उसके बाद के कई संघर्षों में निहंग योद्धाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. जब सिख समुदाय पर संकट आया, तब निहंगों ने आगे रहकर लड़ाई लड़ी. उनकी बहादुरी और बलिदान की कहानियां आज भी सिख इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं. आज भी पंजाब सहित देश के कई हिस्सों में निहंग दिखाई देते हैं. वो धार्मिक आयोजनों, नगर कीर्तन और होला मोहल्ला जैसे पर्वों में अपनी पारंपरिक वेशभूषा और युद्ध कौशल का प्रदर्शन करते हैं. उनकी पहचान सिर्फ एक योद्धा के रूप में नहीं, बल्कि सिख विरासत और संस्कृति के संरक्षक के रूप में भी होती है.

विज्ञापन

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola