देश की मशहूर हिंदी मैगजीन 'तहलका' का एडिटर रहा तरुण तेजपाल को साल 2013 के रेप केस में सजा हो गई है. बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच के जस्टिस डॉ नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसंदेकर ने गोवा सरकार की अपील मंजूर कर ली है. बेंच ने साल 2021 में सेशन कोर्ट के तरुण तेजपाल को बरी किए जाने वाले फैसले को रद्द कर दिया. तरुण तेजपाल को दोषी करार देकर सजा सुनाई. क्योंकि तरुण तेजपाल जमानत पर है, इसलिए उन्हें 15 दिन के अंदर सरेंडर करने का आदेश है.

अब 3 सवाल हैं कि क्या तरुण सरेंडर करेंगे? क्या तरुण सजा-जुर्माने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे? अगर तरुण ने 15 दिन में सरेंडर नहीं किया तो क्या होगा? आइए इन तीनों सवालों के जवाब जानते हैं…

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सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा तरुण तेजपाल

तरुण तेजपाल बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा. इसकी पुष्टि खुद तरुण ने की है और उसके वकील भी मीडिया को बता चुके हैं कि वह रेप केस में सजा-जुर्माने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगा. बीते दिन दोषी करार दिए जाने के बाद तरुण ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी कि सजा सुनाने के हाई कोर्ट के आदेश पर एक हफ्ते की रोक लगाई जाए, लेकिन याचिका पर सुनवाई नहीं हुई और दोपहर ढाई बजे उसे सजा सुना दी गई.

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सजा होने के बाद तरुण ने कहा कि 62 साल का हूं और 2 बेटियों का पिता हूं. राजनीतिक साजिश का शिकार हुआ हूं. इसलिए सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का समय दिया जाए तो बेंच ने तरुण तेजपाल को सरेंडर करने के लिए 15 दिन का समय दिया. अब तरुण को इन 15 दिन में ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करनी होगी और अगर इन 15 दिन में उसकी याचिक पर सुनवाई नहीं होती या याचिका स्वीकार नहीं होती तो तरुण तेजपाल को 16वें दिन सरेंडर करना होगा.

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तरुण सरेंडर नहीं करता है तो क्या होगा?

रेप केस में सजा सुनाते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा बेंच ने तरुण तेजपाल को 15 दिन के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है, लेकिन अगर वह सुप्रीम कोर्ट में सजा के फैसले को चुनौती नहीं देता है और पुलिस के सामने सरेंडर नहीं करता है तो उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हो सकता है, जिस आधार पर पुलिस छापेमारी करके उसे दबोच सकती है. वहीं अगर उसके खिलाफ बार-बार वारंट जारी करने पड़े और वह पेश नहीं हुआ तो कोर्ट उसे 'फरार' घोषित कर सकती है. फरार घोषित किए जाने के बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस तरुण तेजपाल की चल-अचल संपत्ति को कुर्क (Seize) कर सकती है.

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तरुण के खिलाफ 12 साल पुराना रेप केस

बता दें कि तरुण तेजपाल पर साल 2013 में सहकर्मी ने रेप के आरोप लगाए थे और नवंबर 2013 में उनके खिलाफ रेप केस दर्ज किया गया था. गोवा पुलिस ने तरुण के खिलाफ 3000 पेजों की चार्जशीट दायर की थी और सबूत-गवाह भी जुटाए थे, लेकिन साल 2021 में सेशन कोर्ट ने तरुण को केस में बरी कर दिया. तरुण को 30 नवंबर 2013 को गिरफ्तार किया गया था और 7 महीने बाद जुलाई में रिहा कर दिया गया था. गोवा पुलिस ने सेशन कोर्ट के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें अब फैसला आया है. तरुण को सजा भुगतनी होगी और जुर्माने की रकम पीड़िता को देनी होगी.

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तरुण तेजपाल को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 376(2)(F) और (K), 354A और 354B के तहत दोषी करार देकर सजा सुनाई गई है.