What is Rangdari: बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है, सत्ता पक्ष और विपक्षी पार्टियां एक-दूसरे को घेरने का कोई भी मौका नहीं छोड़ रही हैं. इस बीच बिहार की गलियों से लेकर राजनीतिक मंच तक एक शब्द 'रंगदार' काफी छाया हुआ है, जिसकी चर्चा सोशल मीडिया पर भी हो रहा है. सुनने में यह शब्द काफी भौकाली लगता है, लेकिन राजनीतिक में इसका इस्तेमाल विपक्षी पार्टियों को साधने के लिए किया जा रहा है. कई लोग रंगदारी या रंगदारी का मतलब जानते हैं, लेकिन कई ऐसे भी लोग जरूर होंगे जिन्हें इस शब्द का अर्थ पता नहीं होगा. तो आज हम आपको बिहार की राजनीतिक में सबसे चर्चित 'रंगदार' के बारे में बताने जा रहे हैं.

बच्चों तक को रंगदार बनाने तक की बातें: PM मोदी


बिहार में पहले चरण का मतदान पूरा होने के अगले ही दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने औरंगाबाद में एक जनसभा को संबोधित किया. अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने आरजेडी पर जमकर हमला बोला और रंगदार-रंगदारी जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया. पीएम मोदी ने अपने भाषण में कहा, 'आपको एक बात हमेशा याद रखनी है, जंगल राज वालों के पास हर वो एक चीज है, जो निवेश और नौकरी के लिए खतरा है. ये अभी से बच्चों तक को रंगदार बनाने तक की बातें कर रहे हैं. ये लोग खुली घोषणा कर रहे हैं कि भइया की सरकार आएगी तो दुनाली, फिरौती, रंगदारी यही सब चलेगा. इसलिए आपको इन लोगों से बहुत सतर्क रहना है.'

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क्या होती है रंगदारी?


बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए नेताओं ने इस शब्द को अपना चुनावी हथियार बना लिया है, जबकि विपक्ष इसे डर फैलाने की कोशिश बता रहा है. 'रंगदारी' यानी किसी कमजोर से जबरन या बिना अधिकार वसूली करना, बिहार के लोगों के लिए यह कोई शब्द नया नहीं है. 90 के दशक में रंगदार इलाके के ऐसे लोग होते थे जो सुरक्षा देने के नाम पर पैसे वसूलते थे. ये कभी किसी बाजार का, कभी किसी ठेके का हिसाब रखते थे. कई बार इनकी पकड़ इतनी मजबूत होती थी कि पुलिस भी चुप रहती थी.

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बिहार में कैसे बढ़ी रंगदारी?


'रंगदारी टैक्स' की जड़ें बिहार के उस दौर से हैं जब लालू यादव और राबड़ी देवी की सरकार पर 'जंगल राज' के आरोप लगते थे. अपहरण, हत्या और जबरन वसूली के किस्से सुर्खियों में रहना आम बात थी. अब बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए ने इसी पुराने मुद्दे को उठाते हुए विपक्ष को घेरने का काम किया. पीएम मोदी ने तो एक पुराने गीत की लाइन का हवाला भी देते हुए कहा, 'आएगी भईया की सरकार, बनेंगे रंगदार'. वहीं, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी इसी सुर में कहा कि आरजेडी मतलब रंगदारी, दादागिरी और जंगल राज.