क्या है ब्लड ट्रांसफ्यूजन? HIV मरीज ने लगाई संसद में बिल पास करने की गुहार, लाखों लोगों की बचेगी जान

थैलेसीमिया के मरीज़ों ने पार्लियामेंट से नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन बिल, 2025 को तुरंत पास करने की अपील की, जिसका मकसद ब्लड ट्रांसफ्यूजन को रेगुलेट करना और मरीज़ों के लिए सुरक्षित खून पक्का करना है.

Thalassemic patients

थैलेसीमिया के मरीज़ों ने पार्लियामेंट से नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन बिल, 2025 को तुरंत पास करने की अपील की, जिसका मकसद ब्लड ट्रांसफ्यूजन को रेगुलेट करना और मरीज़ों के लिए सुरक्षित खून पक्का करना है.

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क्या है नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन बिल 2025?

नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन बिल, 2025, एक प्राइवेट मेंबर बिल है, जिसे MP पुरुषोत्तमभाई रूपाला ने लोकसभा में और डॉ. अजीत माधवराव गोपछड़े ने राज्यसभा में प्रपोज़ किया था. इस बिल का मकसद इंसानी खून और खून के हिस्सों के कलेक्शन, टेस्टिंग, प्रोसेसिंग, स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन, जारी करने और ट्रांसफ्यूजन को रेगुलेट करना है, ताकि हेल्थ की सुरक्षा पक्की हो सके और ट्रांसफ्यूजन से फैलने वाली बीमारियों को रोका जा सके.

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सुनेहा पॉल जैसे मरीज, जिन्हें ब्लड ट्रांसफ्यूजन से HIV हुआ था, उन्हें उम्मीद है कि इस बिल से सुरक्षित खून और बेहतर हेल्थकेयर मिलेगा.

पश्चिम बंगाल की सुनेहा, बीटा थैलेसीमिया की मरीज हैं और उन्हें अपनी ज़िंदगी में हर दिन मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. जब वह सिर्फ 2 महीने की थीं, तब उनका थैलेसीमिया टेस्ट पॉज़िटिव आया था और जब वह 8 साल की थीं, तब उन्हें HIV हो गया था. यह बीमारी उनके शरीर में HIV इन्फेक्टेड खून चढ़ाने की वजह से हुई थी. उन्हें हर दो हफ़्ते में खून चढ़ाया जाता है.

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23 साल की बीटा थैलेसीमिया की मरीज़ सुनेहा पॉल ने कहा, ‘मुझे दो महीने की उम्र में पता चला था और मुझे हर दो हफ़्ते में ब्लड ट्रांसफ़्यूज़न हो रहा है. आठवीं क्लास में, मुझे HIV का पता चला, जिससे मेरी मुश्किलें और बढ़ गईं. मैं सुरक्षित ब्लड ट्रांसफ़्यूज़न पक्का करने के लिए अधिकारियों की कोशिशों की तारीफ़ करती हूं, जो मरीजों की देखभाल का एक जरूरी हिस्सा है. इस मामले को पहले रखने और मेरे जैसे मरीजों की जिंदगी में बदलाव लाने के लिए आपका धन्यवाद. मैं उठाए जा रहे गंभीर कदमों के लिए शुक्रगुजार हूं — आपकी कोशिशें सच में जान बचाने वाली हैं.’

लबें समय से हो रहा इस कानून का इंतजार

थैलेसीमिया पेशेंट्स एडवोकेसी ग्रुप (TPAG) MP पुरुषोत्तमभाई रूपाला द्वारा नेशनल ब्लड ट्रांसफ्यूजन बिल 2025 पेश किए जाने का दिल से स्वागत करता है और इसकी बहुत तारीफ करता है. भारत के थैलेसीमिया समुदाय के लिए, जो ज़िंदा रहने के लिए सुरक्षित, बिना रुकावट और अच्छी क्वालिटी वाले ब्लड ट्रांसफ्यूजन पर निर्भर है, यह कानून एक ऐतिहासिक है और लंबे समय से इसका इंतजार किया जा रहा है.

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कैसे होता है ब्लड ट्रांसफ्यूजन?

आपका ब्लड लाल और सफेद कोशिकाओं, प्लाज्मा और प्लेटलेट्स सहित कई अलग-अलग हिस्सों से बना होता है. संपूर्ण रक्त उन रक्त को संदर्भित करता है, जिसमें सभी होते हैं. कुछ मामलों में, आपको पूरे खून का उपयोग करने के लिए ब्लड ट्रांसफ्यूजन की आवश्यकता हो सकती है, लेकिन यह अधिक संभावना है कि आपको रक्त के एक विशिष्ट घटक की ही आवश्यकता होगी. ट्रांसफ्यूजन के दौरान नया खून आपको एक सुई और एक आईवी लाइन के माध्यम से दिया जाता है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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