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बंगाल पंचायत चुनाव से पहले तृणमूल का एक और दांव, हर घर पहुंचेंगे ‘दीदी के दूत’

कोलकाता से अमर देव पासवान की रिपोर्टः पश्चिम बंगाल (West Bengal) पंचायत चुनाव (Panchayat elections) से पहले अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) ने विधानसभा चुनाव 2021 की तरह फिर एक नया दांव खेला है। बंगाल पंचायत चुनाव से पहले 11 जनवरी से तृणमूल ‘दीदी का सुरक्षा कवच’ परियोजना को शुरू होने जा रही […]

कोलकाता से अमर देव पासवान की रिपोर्टः पश्चिम बंगाल (West Bengal) पंचायत चुनाव (Panchayat elections) से पहले अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (All India Trinamool Congress) ने विधानसभा चुनाव 2021 की तरह फिर एक नया दांव खेला है। बंगाल पंचायत चुनाव से पहले 11 जनवरी से तृणमूल ‘दीदी का सुरक्षा कवच’ परियोजना को शुरू होने जा रही है। माना जा रहा है कि इसी योजना के बल पर तृणमूल बंगाल पंचायत चुनाव के मैदान में उतरेगी।

पार्टी महासचिव ने की थी घोषणा

जानकारी के मुताबिक तृणमूल के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को नजरुल मंच से घोषणा की थी। कहा था कि ‘दीदी का सुरक्षा कवच’ कार्यक्रम के तहत तृणमूल के साढ़े तीन लाख स्वयंसेवक राज्य के हर घर में जाएंगे। लोगों से बात करेंगे। सरकारी परियोजना का विवरण पूछेंगे। उन्होंने बताया था कि यह कार्यक्रम दो माह तक चलेगा। ऐसे में प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी पंचायत के लिए जोर-शोर से जनसंपर्क करने जा रही है। और पढ़िए –Vande Bharat: पश्चिम बंगाल के मालदह में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव, 4 दिन पहले PM मोदी ने दिखाई दी हरी झंडी

दीदी के 3.5 लाख दूत तैयार

तृणमूल के विशेष कार्यकर्ता सम्मेलन के मंच पर ‘दीदी का सुरक्षा कवच’ कार्यक्रम की घोषणा की गई। इस अभियान के जरिए तृणमूल पंचायत चुनाव से पहले बड़ा जनसंपर्क करने के लिए निकल रही है। कार्यक्रम में तृणमूल के 3.5 लाख स्वयंसेवक ‘दीदी के दूत’ के रूप में राज्य के 10 करोड़ लोगों के घर पहुंचेंगे।

योजनाओं के बारे में बताएंगे कार्यकर्ता

बताया गया है कि ममता जनता को सरकार की 15 ‘फ्लैगशिप’ परियोजनाओं का ब्योरा बताएंगी। दीदी के दूत यह भी जानेंगे कि कहीं प्रोजेक्ट मिलने में कोई दिक्कत तो नहीं है। अगर संबंधित व्यक्ति के पास कोई सुझाव है तो भी दीदी के दूत उसे रिकॉर्ड करेंगे। उसके बाद एप के जरिए यह केंद्रीय नेतृत्व के पास आ जाएगा।

ये हैं प्रमुख योजनाएं

तृणमूल सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ‘जॉय बांग्ला’, ‘एक्यश्री’, ‘शिष्यसाथी’, ‘जुवश्री’, ‘निज गृह निज भूमि’, ‘खाद्यसाथी’, ‘कन्याश्री’ जैसे 15 फ्लैगशिप प्रोजेक्ट्स लोगों तक पहुंचेंगे। उससे पहले राज्य स्तरीय तृणमूल के 300 नेता जनसंपर्क के तहत 10 दिनों तक गांव में रातें बिताएंगे। रात्रि विश्राम के बाद दीदी के दूत हर घर पहुंचेंगे। और पढ़िए –JP Nadda: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आज करेंगे बिहार का दौरा, मुजफ्फरपुर में जनसभा को करेंगे संबोधित

10 करोड़ लोगों से संपर्क करेंगे दूत

बता दें कि पंचायत चुनाव की अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक दलों ने अपने-अपने अभियानों में जुट गए हैं। राज्य की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल भी पीछे नहीं है। 3.5 लाख ‘दीदी के दूत’ सीधे घर-घर जाकर 10 करोड़ लोगों तक पहुंचेंगे। पेशेवरों और विपक्षों को सुनें। बताएंगे कि सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए क्या करें। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले ही पार्टी नेता ममता बनर्जी ने ‘बताओ दीदी बोलो’ जैसे प्रोजेक्ट लॉन्च किए थे। इस बार पंचायत चुनाव से पहले तृणमूल ‘दीदी का सुरक्षा कवच’ लांच कर रही है। और पढ़िए – देश से जुड़ी खबरें यहाँ पढ़ें


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