दिल्ली-यूपी समेत पूरे उत्तर भारत में अचानक क्यों बढ़ी ठंड? पहाड़ों पर बर्फबारी, IMD का अलर्ट जारी
पहाड़ों पर समय से पहले हुई बर्फबारी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने मैदानी राज्यों का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है. इसके चलते मैदानी इलाकों जैसे दिल्ली, यूपी और राजस्थान में रात का पारा गिरने से गुलाबी ठंड ने दस्तक दे दी है. जानिए मौसम विभाग (IMD) का ताजा पूर्वानुमान और आने वाले दिनों में आपके शहर में कैसा रहेगा तापमान.
उत्तर भारत में इस बार सामान्य से ज्यादा ठंड पड़ने का अनुमान है.
अक्टूबर का आधा महीना बीतते ही उत्तर भारत में मौसम ने तेजी से करवट ले ली है. दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, बिहार और राजस्थान के मैदानी इलाकों में सुबह और देर शाम हल्की सिहरन महसूस होने लगी है. पंखे और एसी की रफ्तार धीमी हो चुकी है और लोगों ने हल्की चादरें निकाल ली हैं. ऐसे में हर किसी के मन में यही सवाल है कि अचानक मौसम इतना ठंडा क्यों हो गया? मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मैदानी राज्यों में समय से पहले ठंडक घुलने के पीछे मुख्य रूप से दो बड़े कारण हैं. पहला कारण पहाड़ों पर समय से पहले शुरू हुई बर्फबारी है. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों जैसे लाहौल-स्पीति और किन्नौर में ताजा हिमपात दर्ज किया गया है.
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इन बर्फीली पहाड़ियों से होकर बहने वाली उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाएं सीधे मैदानी राज्यों का रुख कर रही हैं, जिससे तापमान में गिरावट आई है. दूसरा कारण उत्तर भारत में सक्रिय हुआ नया पश्चिमी विक्षोभ है. इसके प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी इलाकों में धूप की तपिश कम हुई और ठंडी हवाओं की गति बढ़ गई.
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दिल्ली-एनसीआर और मैदानी राज्यों का हाल
मैदानी राज्यों में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है. दिल्ली-एनसीआर में आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है, राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में रात का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री नीचे गिरकर 18 से 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है. वहीं पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी रात का पारा तेजी से लुढ़का है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में आसमान साफ रहेगा, लेकिन सुबह और रात की ठंडक बनी रहेगी. नवंबर की शुरुआत से पहले ही उत्तर भारत में सर्दी का असर और गहराने के पूरे आसार हैं.
पहाड़ों पर बर्फबारी, लैंडस्लाइड की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के मनाली और धर्मशाला जैसे निचले इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है. प्रशासन ने पर्यटकों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है. 17-18 और 21-22 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के आसार हैं. उत्तराखंड, पश्चिमी यूपी और पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं को लेकर सतर्कता बरतने को कहा गया है.
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दक्षिण भारत में भारी बारिश और बाढ़ का खतरा
दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मॉनसून की आमद के साथ तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, तटीय व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और लक्षद्वीप में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है. तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी 40 से 60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में अचानक बाढ़ का मध्यम खतरा जताया गया है.