लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पास होने के बाद इसे राज्यसभा में पेश किया गया, जहां इस पर चर्चा हुई। सभी दलों के नेता इस पर अपनी राय रखते नजर आए। कुछ ने विधेयक का समर्थन किया तो कुछ ने विरोध। वोटिंग के बाद यह बिल राज्यसभा से पास हो सकता है। इसी बीच एक अहम खबर सामने आई है कि एक पार्टी ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी नहीं किया है, जिससे क्रॉस वोटिंग की संभावना जताई जा रही है।
जगन मोहन रेड्डी की पार्टी युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने अपने 7 सांसदों के लिए व्हिप जारी नहीं किया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि इस पार्टी के सांसद राज्यसभा में क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं। YSRCP एनडीए में शामिल नहीं है और लगातार इस बिल का विरोध कर रही है।
राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी है भाजपा
लोकसभा में कुल 543 सदस्य हैं। वोटिंग के दौरान विधेयक के पक्ष में 288 और विरोध में 233 वोट पड़े, जिसके बाद सदन से इसे मंजूरी मिल गई। अब बात करें राज्यसभा की, तो यहां कुल 236 सदस्य हैं और सबसे बड़ी पार्टी भाजपा है।
NDA पास करा ले जाएगी बिल!
राज्यसभा में भाजपा के पास कुल 98 सांसद हैं और एनडीए के पास कुल 125 सांसद हैं। भाजपा के अलावा जदयू के 4, अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 3 और टीडीपी के भी 2 सांसद शामिल हैं। माना जा रहा है कि राज्यसभा में भी भाजपा को इस बिल को पास कराने में कोई परेशानी नहीं होगी, क्योंकि लोकसभा में इसे अन्य दलों का भी समर्थन मिला था।
वक्फ बिल का समर्थन करने पर जदयू में इस्तीफे
वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करने पर जदयू के दो मुस्लिम नेता पार्टी से नाराज होकर इस्तीफा दे चुके हैं। पहले डॉ. कासिम अंसारी ने विधेयक का समर्थन करने पर पार्टी से इस्तीफा दे दिया, इसके बाद जदयू के जमुई अल्पसंख्यक प्रदेश सचिव मो. शाहनवाज मलिक ने भी इस्तीफा दे दिया।