Haflong Assembly Election Result 2026 Updates: हाफलोंग विधानसभा चुनाव 2026 की वोट गिनती सुबह 8 बजे से शुरू हो गई थी. असम की हाफलोंग (Haflong) विधानसभा सीट से बीजेपी (BJP) उम्मीदवार रूपाली लंगथासा ने 37542 वोटो के अंतर से शानदार जीत दर्ज की है. उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस की नंदिता गोरलोसा को हराकर इस महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्र में पार्टी का परचम लहराया है. यह असम के एनसी हिल्स यानी दीमा हसाओ जिले की अनुसूचित जनजाति वाली सीट है. मतदान 9 अप्रैल 2026 को एक चरण में हुआ था. इस बार कांटे की टक्कर भाजपा की रूपाली लंगथासा और कांग्रेस की नंदिता गोरलोसा के बीच है. नंदिता पहले भाजपा की मंत्री रह चुकी हैं, लेकिन अब कांग्रेस में आ गई हैं. भाजपा पुरानी जीत और विकास के कामों पर भरोसा जता रही है, जबकि कांग्रेस स्थानीय मुद्दों और बदलाव की उम्मीद पर दांव लगा रही है. नतीजे सिर्फ हाफलोंग का भविष्य तय नहीं करेंगे बल्कि दीफू लोकसभा क्षेत्र के सियासी रुख का भी संकेत देंगे. 2026 चुनाव में हाफलोंग विधानसभा क्षेत्र में वोटर लिस्ट में कुल 158204 रजिस्टर्ड वोटर थे, जिनमें से 78279 पुरुष और 79925 महिला.
हाफलोंग सीट का चुनावी इतिहास और 2021 के नतीजे
हाफलोंग पहले कांग्रेस का गढ़ था लेकिन अब भाजपा का मजबूत किला बन गया है. 2021 में 81 फीसदी मतदान हुआ था, जहां भाजपा की नंदिता गोरलोसा ने कांग्रेस के निर्मल लंगथासा को 16 फीसदी के अंतर से हराया. 2016 में भी 81 फीसदी वोटिंग हुई और भाजपा के बीर भद्र हागजर ने निर्मल लंगथासा को 8 फीसदी अंतर से शिकस्त दी. 2011 में कांग्रेस के गोबिंदा चरण लांगथासा ने जीत हासिल की थी. कुल 12 चुनावों में कांग्रेस को 7 बार जीत मिली लेकिन पिछले दो चुनाव भाजपा ने अपने नाम किए. इस बार नंदिता का कांग्रेस में जाना और NPP के डैनियल लंगथासा का मैदान में होना मुकाबला त्रिकोणीय बना रहा है.
हाफलोंग सीट का महत्व और पिछले रुझान
हाफलोंग असम का एकमात्र हिल स्टेशन है, जहां खूबसूरत झील, जटिंगा और पहाड़ियां पर्यटकों को खींचती हैं. यहां ज्यादातर आदिवासी आबादी है और सीट एसटी के लिए आरक्षित है. दीमा हसाओ जिले की एकमात्र सीट होने से इसका पूरा इलाका पर असर पड़ता है. मतदाता संख्या अब 1,58,204 हो गई है और मतदान प्रतिशत ऊंचा रहता है. भाजपा ने लोकसभा में भी यहां अच्छा प्रदर्शन किया है. इस बार देखना होगा कि भाजपा अपनी पकड़ बरकरार रख पाती है या कांग्रेस पुरानी विरासत लौटा पाती है. पहाड़ी इलाके के मुद्दे, पर्यटन और रोजगार इस चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे.