Vande Bharat Express: वंदे भारत रैक, जो कटरा और श्रीनगर के बीच उद्घाटन यात्रा के लिए निर्धारित है। यह स्पेशल वंदे भारत ट्रेन जम्मू-कश्मीर के परिवहन क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम है। इस ट्रेन के आगमन से स्थानीय और बाहरी यात्रियों के लिए यात्रा में आसानी की उम्मीद जताई जा रही है। अब वह दिन दूर नहीं है जब कश्मीर घाटी का संपर्क सालों-साल देश-दुनिया से जुड़ा रहेगा।
वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल
आज पहली वंदे भारत ट्रेन का ट्रायल रन किया गया। आठ कोच वाली वंदे भारत ट्रेन दिल्ली से जम्मू पहुंची। यह ट्रेन फिर कटरा जाएगी और उसके बाद श्रीनगर तक का सफर तय करेगी। जम्मू-कश्मीर की दो राजधानियों, जम्मू और श्रीनगर को जोड़ने वाली देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द ही पटरियों पर दौड़ने के लिए तैयार है।
आज इस ट्रेन के स्पेशल रेक का ट्रायल रन किया गया। आपको बता दें, दिल्ली से शुरू होकर जम्मू पहुंची वंदे भारत एक्सप्रेस ने कटरा से श्रीनगर के लिए अपनी पहली सफल यात्रा की। इस ट्रायल रन के दौरान जम्मू रेलवे स्टेशन पर मौजूद लोगों ने ट्रेन का स्वागत किया और उत्साह व्यक्त किया। खासतौर पर लद्दाख के लोगों ने इस ट्रेन के कश्मीर तक जाने पर पीएम नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया।
एंटी-फ्रीजिंग तकनीक से लैस ट्रेन
यह ट्रेन जम्मू से श्रीनगर के बीच अधिक से अधिक 160 किमी प्रति घंटे की स्पीड से चलेगी। कटरा से श्रीनगर की 190 किमी की दूरी को यह ट्रेन मात्र 3 घंटे में तय करेगी। जम्मू-कश्मीर का क्षेत्र सुरक्षा और पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील है। इसलिए इस रूट पर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को स्पेशल एंटी-फ्रीजिंग तकनीक से बनाया गया है। यह ट्रेन 20 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी पूरी स्पीड से दौड़ सकती है।
इन सुविधाओं से लैस है ट्रेन
वंदे भारत ट्रेन का निर्माण चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (Integral Coach Factory) में किया गया है। इसमें एडवांस हीटिंग सिस्टम है, जिससे यात्रियों, ड्राइवर समेत रेल कर्मियों को ठंड में किसी तरह की असुविधा न हो। ड्राइवर के केबिन की विंडशील्ड को भी हीटिंग सिस्टम से लैस किया गया है ताकि सामने का दृश्य साफ नजर आए। पानी की पाइपलाइन और बायो टॉयलेट्स में पानी जमने से रोकने के लिए भी विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
जल्द सर्विस होगी शुरू
इस ट्रायल रन के सफल होने के बाद जम्मू और श्रीनगर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवाएं जल्द शुरू की जाएंगी। इस ऐतिहासिक कदम से न केवल ट्रेवल टाइम घटेगा बल्कि जम्मू-कश्मीर के विकास में भी तेजी आएगी।