US India Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच हुई 500 करोड़ की ट्रेड डील के अलावा भारत सरकार लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) को लेकर भी डील कर सकती है। भारत सरकार की ओर से पेट्रोनेट कंपनी के CEO अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि अगर अमेरिका सही रेट लगाएगा तो भारत LNG अमेरिका से खरीद सकता है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सरकार की इस योजना के बारे में बताया।
यह भी पढ़ें: भारत समेत 21 देशों के साथ अमेरिका ने क्यों साइन किए हैं फ्री ट्रेड एग्रीमेंट्स? डोनाल्ड ट्रंप ने खुद बताई वजह
---विज्ञापन---
भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा आयातक
भारत की सबसे बड़ी गैस आयातक कंपनी पेट्रोनेट LNG के CEO अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा गैस आयातक है और आने वाले समय में भारत में गैस की खपत बढ़ेगी, क्योंकि उर्वरक बनाने के लिए, रिफाइनरी और बिजली उत्पादन के लिए इसकी मांग बढ़ेगी। इसलिए केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि अमेरिका के साथ ऊर्जा संबंध मजबूत किए जाएंगे। अगर सही रेट मिला तो अमेरिका से LNG खरीदकर खपत पूरी की जाएगी।
---विज्ञापन---
आयात-निर्यात दोगुना होने की उम्मीद बढ़ी
अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि हाल ही में अमेरिका ने भारत पर लगे टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। ऐसे में भारत और अमेरिका के बीच आयात-निर्यात बढ़ने की उम्मीद है। साल 2024-25 में भारत अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार 132 अरब डॉलर रहा था और इस बार यह व्यापार दोगुना हो सकता है। ऐसे में अमेरिका से भारत LNG का आयात करने का प्लान बना रहा है, अगर अमेरिका सही रेट देगा तो काफी मात्रा में गैस खरीदी जा सकती है।
यह भी पढ़ें: भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ब्लूप्रिंट तैयार, टैरिफ कटौती से दोनों देशों को मिलेगा क्या फायदा?
LNG से भारतीयों को क्या होगा फायदा?
अक्षय कुमार सिंह ने बताया कि भारत में करीब 27000 मेगावाट बिजली गैस से चलने वाले प्लांट पैदा करते हैं, लेकिन गैस महंगी होने के कारण यह प्लांट बिजली का ज्यादा उत्पादन नहीं कर रहे है और कम उत्पादन के कारण इन प्लांट की बिजली का इस्तेमाल भी महंगा है। अगर सस्ती LNG आएगी तो यह प्लांट ज्यादा बिजली का उत्पादन करेंगे। ज्यादा बिजली मतलब सस्ते बिल और सस्ते बिल आने से खर्च घटेगा, लोगों की बचत होगी।
LNG गैस खरीदने से सबसे बड़ा फायदा उर्वरक यानी खाद का होगा. खाद बनाने के लिए गैस की जरूरत पड़ती है। अगर गैस सस्ती होगी तो खाद भी सस्ती होगी। सस्ती खाद से फसल की लागत कम होगी और फल-सब्जी के साथ अनाज भी सस्ता होगा। गृहणियों के पास पैसा बचेगा और उनकी बचत होगी। घरों तक पाइपलाइन के जरिए पहुंचने वाली गैस के दाम कम होंगे तो लोगों को सस्ती गैस मिलेगी। वाहनों में इस्तेमाल बढ़ेगा।