Deported Indians Second Batch Landing: अमेरिका से अवैध प्रवासियों का निर्वासन जारी है। गत 5 फरवरी को अमेरिकी सेना का विमान 104 भारतीयों को लेकर पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा था। दूसरा विमान कल 15 फरवरी को 105 भारतीयों को लेकर अमृतसर में ही एयरपोर्ट पर लैंड करेगा, लेकिन पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने अवैध प्रवासियों की पंजाब में लैंडिंग पर सवाल उठाए हैं। इन 105 लोगों में पंजाब के 30 हरियाणा ओर गुजरात के 33–33 लोगों के इलावा उत्तर प्रदेश महाराष्ट्र ओर चंडीगढ़ के भी लोग शामिल होंगे।
उन्होंने सवाल किया है कि अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर भारत आने वाले अमेरिका के सैन्य विमान गुजरात, हरियाणा, दिल्ली में क्यों नहीं उतर रहे? उन्होंने कहा कि यह भाजपा द्वारा पंजाब की छवि खराब करने का प्रयास है। अमेरिका के सैन्य विमान को अहमदाबाद में उतरना चाहिए। भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जानबूझकर पंजाब को निशाना बना रही है। सरकार यह सुनिश्चित करके पंजाब को बदनाम करना चाहती है कि निर्वासित भारतीयों को ले जाने वाला विमान अमृतसर में ही उतरे।
निर्वासित भारतीयों ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप
इंडिया टूडे की रिपोर्ट के अनुसार, विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पहले पुष्टि की थी कि अमेरिका ने भारत को 487 अवैध भारतीय नागरिकों के बारे में बताया है, निष्कासित किए जाने के आदेश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंन ने दिए हैं, लेकिन निर्वासित किए गए भारतीयों ने आरोप लगाया है कि अमेरिका से भारत की यात्रा के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया।
पूरे सफर में उनके हाथ और पैर बेड़ियों में जकड़े रहे और एयरपोर्ट पर उतरने के बाद ही बेड़ियां खोली गईं। निर्वासित भारतीयों के साथ दुर्व्यवहार के मुद्दे पर बात करते हुए मिस्त्री ने इसे चिंतनीय बताया और आश्वासन दिया कि भारत सरकार इस मामले को अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष उठाएगी। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप से इस बारे में बात करे समस्या का समाधान कराएगी।
16 साल में 15000 से ज्यादा भारतीय निवार्सित
वहीं देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए बताया था कि अमेरिका से भारतीय प्रवासियों का निर्वासन कई वर्षों से चल रहा है। साल 2009 से अब तक 15668 अवैध भारतीय प्रवासियों को निर्वासित किया जा चुका है, लेकिन यह प्रक्रिया नई नहीं है। कोई भी देश नियमों के अनुसार ही निर्वासन करता है, लेकिन भारत सरकार अपने नागरिकों के साथ उचित व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
वरिष्ठ अधिवक्ता केके मन्नान ने कहा कि निर्वासित लोगों पर भारत में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी, जब तक कि वे नकली/फर्जी दस्तावेजों के साथ यात्रा नहीं कर रहे हों, लेकिन उन्हें अमेरिका भेजने वाले एजेंटों पर कार्रवाई हो सकती है। वहीं निर्वासित किए गए भारतीयों पर कुछ प्रतिबंध लागू हो सकते हैं। जैसे वे अगले 5 साल किसी देश की यात्रा नहीं कर सकेंगे। उन्हें देश से बाहर जाने के लिए वीजा भी नहीं मिलेगा आदि।
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