Surgical Strike: '40 मिनट में 40 आतंकी मारे, 7 ठिकाने किए थे तबाह', पाकिस्तान से ऐसे लिया गया था उरी हमले का बदला

Surgical Strike URI Attack: भारतीय खिलाड़ियों ने क्रिकेट के मैदान में पाकिस्तान को हराया, वहीं भारतीय वायुसेना ने PoK में घुसकर आतंकी ठिकाने तबाह करके पाकिस्तान को सबक सिखाया था. उरी हमले का बदल लेने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक की आज 9वीं बरसी है तो आइए जानते हैं कि भारत ने उरी का बदला कैसे लिया था?

Uri attack | Surgical Strike | IND vs PAK

उरी में सेना के कैंप पर 4 आतंकियों से हमला किया था.

विज्ञापन

Surgical Strike URI Attack: भारतवासी आज एशिया कप 2025 के फाइनल में पाकिस्तान पर जीत का जश्न मना रहे हैं, दूसरी ओर, आज के दिन ही भारत ने पाकिस्तान से उरी हमले का बदला भी लिया था. जी हां, आज पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय वायुसेना की सर्जिकल स्ट्राइक की बरसी है. आज से 9 साल पहले 29 सितंबर 2016 को भारतीय वायुसेना ने नियंत्रण रेखा (LoC) पार करके पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में घुसकर आतंकियों के 7 ठिकाने तबाह किए थे और करीब 40 आतंकियों समेत 2 पाकिस्तानी सैनिकों को ढेर किया था.

यह भी पढ़ें: IND vs PAK: सूर्यकुमार ने एशिया कप की कमाई की दान, इंडियन आर्मी को की समर्पित

विज्ञापन

क्या हुआ था जम्मू-कश्मीर के उरी में?

बता दें कि 18 सितंबर 2016 को सुबह करीब 5:30 बजे जम्मू-कश्मीर के उरी में आतंकी हमला हुआ था. पाकिस्तान से आए 4 आतंकियों ने उरी के पास भारतीय सेना के ब्रिगेड हेडक्वार्टर में घुसकर ग्रेनेड अटैक किया था और गोलीबारी की थी. हमले में 19 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे और इस हमले को 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों के बाद भारत के खिलाफ सबसे घातक आतंकी हमला माना गया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकियों और पाकिस्तान से हमले का बदला लेने का वादा करके वायुसेना को सर्जिकल स्ट्राइक के ऑर्डर दिए थे. 11 दिन की तैयारी के बाद PoK में सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी.

सेना ने ऐसे चलाया था ऑपरेशन PoK

बता दें कि पाकिस्तान के खिलाफ हुई सर्जिकल स्ट्राइक का नेतृत्व डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) और भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह और सेना प्रमुख जनरल दलबीर सिंह ने किया था. 29 सितंबर 2016 की रात को करीब 40 मिनट चली सर्जिकल स्ट्राइक में 40 आतंकियों को ढेर किया गया था और आतंकियों के 7 लॉन्च पैड तबाह किए गए थे. इस सर्जिकल स्ट्राइक का मकसद पाकिस्तान को आतंकवाद और आतंकियों को लेकर चेतावानी देना और भारत में आतंकियों की घुसपैठ पर रोक लगाना था. प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सर्जिकल स्ट्राइक करने की आधिकारिक घोषणा की गई थी.

विज्ञापन

हेलीकॉप्टरों के रंग से दिया था चकमा

बता दें कि सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए भारतीय सेना ने Mi-17 हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया था, लेकिन खास बात यह है कि हेलीकॉप्टरों को पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों जैसे रंग में रंगा गया था, ताकि पाकिस्तानी सेना भ्रमित हो और भारतीय सेना अपना मकसद पूरा करके वापस आ सके. भारतीय कमांडो पैराशूट और ग्राउंड फोर्सेस के जरिए PoK में घुसे और आतंकी ठिकानों को ध्वस्त करके, आतंकियों को मारकर 40 मिनट के अंदर वापस लौट आए थे.

विज्ञापन

पाकिस्तान की सेना ने दावा किया कि PoK में कोई स्ट्राइक नहीं हुई है, बल्कि सीमा पार से गोलीबारी की गई है, जबकि भारतीय सेना और भारत सरकार ने सर्जिकल स्ट्राइक की आधिकारिक घोषणा की. साथ ही सर्जिकल स्ट्राइक को राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक मानकर हर साल 29 सितंबर को ‘सर्जिकल स्ट्राइक डे’ के रूप में मनाने का ऐलान किया. बता दें कि साल 2019 में की गई बालाकोट एयर स्ट्राइक भी सरकार की सुरक्षीकरण रणनीति का अगला चरण था.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ