Ujjwal Deorao Nikam Profile: देश में जाने माने सरकारी वकील उज्ज्वल देवराव निकम को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा सांसद मनोनीत किया है। उज्ज्वल निकम कई हाई प्रोफाइल मर्डर और टेररिस्ट अटैक केस लड़ चुके हैं। हाई प्रोफाइल केसों का वकील होने के कारण साल 2009 से उन्हें Z प्लस सिक्योरिटी मिली हुई है। वहीं उनकी उपलब्धियों को देखते हुए उन्हें साल 2016 में भारत सरकार ने पद्मश्री पुरस्कार देकर सम्मानित किया था। उज्ज्वल निकम साल 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं। उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नॉर्थ मुंबई से चुनावी रण में उतारा था, लेकिन कांग्रेस उम्मीदवार वर्षा गायकवाड़ ने उन्हें 16514 वोटों से हराया था। उज्ज्वल निकम को महाराष्ट्र सरकार ने विशेष सरकारी वकील नियुक्त किया है।
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प्रधामनंत्री मोदी ने दी बधाई
उज्ज्वल निकम को बतौर राज्यसभा सांसद चुने जाने पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट में लिखा कि उज्ज्वल निकम लॉ सेक्टर और भारतीय संविधान के प्रति समर्पित रहे हैं। वे न केवल सफल वकील रहे हैं, बल्कि कई महत्वपूर्ण केसों में पीड़ितों को न्याय दिलाने में भी अग्रणी रहे हैं। अपने अब तक के करियर में उन्होंने संवैधानिक मूल्यों को मज़बूत करने और आम नागरिकों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए काम किया है। यह अत्यंत प्रसन्नता की बात है कि भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा सांसद के रूप में मनोनीत किया है। बेहतरीन संसदीय कार्यकाल के लिए उन्हें शुभकामनाएं।
उज्ज्वल निकम का फैमिली बैकग्राउंड
30 मार्च 1953 को महाराष्ट्र के जलगांव में जन्मे उज्ज्वल निकम के पिता का नाम देररावजी निकम था और वे भी वकील थे। बतौर जज भी उन्होंने देशसेवा की थी। उनकी मां का नाम विमलादेवी, जो फ्रीडम फाइटर थीं। निकम ने पुणे यूनिवर्सिटी से BSC की डिग्री ली। जलगांव के SS मनियार लॉ कॉलेज से लॉ की। निकम के बेटे अनिकेत निकम भी वकील हैं। बतौर क्रिमिनल लॉयर मुंबई हाई कोर्ट में नियुक्त हैं।
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उज्ज्वल निकम का प्रोफेशनल करियर
उज्ज्वल निकम का 30 साल का प्रोफेशनल करियर रहा है। 30 साल में उन्होंने 628 केसों में अपराधियों को आजीवन कारावास और 37 केसों में मृत्युदंड की सजा दिलाई है। उन्होंने 1993 में हुए मुंबई बम विस्फोट का केस लड़ा। 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले में जिंदा बचे हमलावर अजमल कसाब के खिलाफ केस लड़ा और उसे फांसी की सजा दिलाई। 1997 में फिल्म प्रोड्यूसर गुलशन कुमार की हत्या हुई थी। उनका मर्डर केस निकम ने सरकार की तरफ से लड़ा था। 2006 का प्रमोद महाजन मर्डर केस भी उन्होंने लड़ा था। 2013 में मुंबई में हुआ सामूहिक दुष्कर्म केस, 2016 में हुआ कोपर्डी रेप और मर्डर केस भी उन्होंने लड़ा और दोषियों को सजा दिलाई। साल 2014 का मोहसिन शेख मर्डर केस के वकील निकम थे।
उज्ज्वल निकम की उपलब्धियां
दिसंबर 2010 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र संघ का आतंकवाद विषय पर वैश्विक सम्मेलन हुआ था। इसमें उज्ज्वल निकम ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था। साल 2017 में निकम के जीवन पर बनी मराठी फिल्म, ‘आदेश- पॉवर ऑफ लॉ’ रिलीज हुई थी। वहीं साल 2025 में साल 2008 में हुए मुंबई आतंकी हमले पर मूवी बन रही है। इस फिल्म में उज्ज्वल निकम की भूमिका एक्टर राजकुमार राव निभाएंगे।
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