जोरदार टक्कर, पटरी उखड़ी, क्लिप टूटे...साबरमती ट्रेन हादसे की पहली जांच में क्या-क्या आया सामने?

Train Derailment Latest update: साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन आखिर पटरी से क्यों उतरी? हादसे की पहली जांच में कुछ खुलासे हुए हैं। कुछ सबूत हाथ लगे हैं। IB को हादसे की जांच सौंपी गई है। आइए जानते हैं कि हादसे की पहली जांच रिपोर्ट क्या कहती है?

Sabarmati Train Derailment

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Sabarmati Express Derailment Enquiry Report: साबरमती एक्सप्रेस (19168) वाराणसी से अहमदाबाद जा रही थी कि कानपुर के पास हादसे का शिकार हो गई। सुबह करीब 3 बजे कानपुर और भीमसेन स्टेशन के बीच ट्रेन पटरी से उतर गई। यह हादसा कानपुर शहर से करीब 11 किलोमीटर दूर हुआ। ट्रेन के इंजन समेत सभी बोगियां पटरी से उतर गईं। ट्रेन पटरी से उतरते ही पैसेंजरों में चीख पुकार मच गई। हालांकि बोगियां पलटी नहीं, लेकिन पैसेंजर्स घायल हुए हैं, जिन्हें हादसास्थल पर ही प्राथमिक उपचार देकर रवाना कर दिया गया। उत्तर प्रदेश पुलिस, CRPF, GRP, रेलवे अधिकारी, पुलिस अधिकारी, डॉग स्कवाड, बम स्कवाड और IB की टीमें हादसास्थल पर मौजूद हैं। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हादसे की जांच IB को सौंप दी है। आइए जानते हैं कि ट्रेन हादसे की पहली जांच में क्या-क्या सामने आया? क्योंकि रेलवे अधिकारियों, पुलिस और पैसेंजरों को हादसे के पीछे किसी साजिश की बू आ रही है।

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ट्रेन के इंजन पर जोरदार चोट के निशान

प्राथमिक पूछताछ में लोको पायलट ने बताया कि ट्रेन का इंजन बोल्डर से टकराया। इंजन का बैलेंस बिगड़ने से वह पटरी से उतरा और पीछे-पीछे सभी बोगियां उतरती चली गईं। इंजन का कैटल गार्ड बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुआ है और वह मुड़ा हुआ था। रेलमंत्री अश्वनी वैष्णव ने भी अपने बयान में कहा है कि ट्रेन का इंजन किसी चीज से टकराया था। बहुत भारी चीज से टक्कर के बाद चोट के निशान इंजन पर हैं। IB को हादसे की जांच सौंप दी गई है। अगर कोई साजिश हुई तो उच्च स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। झांसी के DRM दीपक सिंह का कहना है कि ट्रेन के पैसेंजरों ने भी जोरदार टक्कर होने की आवाज सुनी थी। जांच करने पर पता चला कि ट्रेन के पटरी से उतरते के कारण करीब 50 मीटर दूर तक पटरियां उखड़ी भी हैं। झटके लगने से लोहे की क्लिप भी उखड़कर गिर गए। गनीमत रही की ट्रेन की स्पीड धीमी थी, वरना हादसा भीषण होता। ट्रेन में एक हजार से ज्यादा पैसेंजर थे। गहन जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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इंजन के पीछे-पीछे बोगियां उतरती चली गईं

नॉर्थ सेंट्रल रेलवे के GM उमेश चंद्र जोशी ने भी हादसास्थल का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से टक्कर हुई है और बोगियां पटरी से उतरी हैं, इससे लग रहा हैकि कोई भारी चीज इंजन से टकराई है, लेकिन क्या यह पता नहीं चल पा रहा है। इसकी जांच की जाएगी। कानपुर के एडिशनल पुलिस कमिश्नर हरिश्चंद्र भी हादसास्थल पर जांच करने पहुंचे। उन्होंने सबूत इकट्‌ठा करवाए हैं। उनकी टीम ने पैसेंजरों से पूछताछ भी की है। उनके अनुसार, अब तक की जांच में सामने आया है कि इंजन किसी चीज से टकराया और फिर पटरी से उतर गया। उसके पीछे खड़ी-खड़ी ट्रेन उतरती चली गई। बोगियां पलटी नहीं, बल्कि इंजन के साथ-साथ उतरी गईं। ट्रैक के ऊपर कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली है। पत्थर या पटरी के टुकड़े से टक्कर हुई है, यह देखना होगा। साबरमती एक्सप्रेस से पहले जो ट्रेन इस ट्रैक से गुजरी थी, उसके ड्राइवर से पूछताछ की तो उसने बताया कि पटरी बिल्कुल साफ थी और वह आराम से निकल गया।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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