कांग्रेस ने PMKVY योजना को लेकर भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, योजना की परफॉर्मेंस पर उठाए सवाल

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है. CAG रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार ने 7 साल में 10,000 करोड़ रुपये बांटे, जिसमें 94.53% लाभार्थी फर्जी निकले. पढ़ें दिल्ली से रमन कुमार की रिपोर्ट.

news (1)
विज्ञापन

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है. CAG रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार ने 7 साल में 10,000 करोड़ रुपये बांटे, जिसमें 94.53% लाभार्थी फर्जी निकले.

कैग रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) में बड़े घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि कैग रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार ने 7 साल में 10,000 करोड़ रुपये बांटे, जिसमें 94.53% लाभार्थी फर्जी था. कांग्रेस ने पूरे मामले पर संज्ञान लेते हुए इसे युवाओं से धोखाधड़ी बताया और हाई लेवल इंक्वायरी की मांग की है.

विज्ञापन

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस नेता कन्नन गोपीनाथ ने सरकार पर आरोप लगाया कि स्कैम करने में इतने माहिर हो चुके ये लोग की अब फरवरी में ट्रेनिंग करवा रहे हैं.

कन्नन गोपीनाथ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना ये मोदी सरकार की एक योजना थी, जिसके बारे में आप सभी ने सुना होगा. हाल ही में इसकी CAG रिपोर्ट आई है, जिसमें 2015 से 2022 तक के परफॉर्मेंस की जानकारी दी गई है.

इस रिपोर्ट ने PMKVY में भयंकर स्कैम का भंडाफोड़ किया है. नेशनल स्किल डेवलपमेंट मिशन एक प्रोग्राम था जिसका मोदी सरकार ने नाम बदला और नाम रखा- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना यानी PMKVY. सरकार ने इस योजना के लिए 7 साल में 10 हजार करोड़ रुपए बांट दिए, जिसमें 94.53 फीसदी लाभार्थियों के बैंक खाते फर्जी निकले हैं. यानि ऐसे लोगों को पैसे दिए जिनके फोन नंबर गलत थे और ईमेल आईडी भी गलत थी.

विज्ञापन

जानकारी पर्याप्त नहीं

करीब 61 लाख ट्रेनरों की जानकारी आधी-अधूरी दी गई है. PMKVY के तहत ट्रेनिंग हुई है या नहीं, इसकी जांच के लिए Assessor होते हैं, लेकिन हमारे पास 97 फीसदी Assessor की कोई जानकारी नहीं है. ट्रेनिंग पूरी करने वालों के Email और मोबाइल नंबर लिए जाते हैं. यहां करीब 1 लाख ईमेल लिए गए हैं और 1 करोड़ लोगों के लिए वही ईमेल इस्तेमाल किया गया है.

कांग्रेस नेता ने कहा कि नीलिमा मूविंग पिक्चर्स नाम की कंपनी ने PMKVY के तहत 33 हजार लोगों को ट्रेनिंग दी है, लेकिन ये कंपनी पिछले 5-6 साल से बंद है. ट्रेनिंग के तहत एक ही तस्वीर को अलग-अलग जगहों का बताकर इस्तेमाल किया गया और ट्रेनिंग देने की बात कही गई. जयपुर कल्चरल सोसाइटी नाम के ट्रेनिंग पार्टनर ने बताया कि उन्होंने फरवरी में ट्रेनिंग ऑर्गेनाइज की है.

विज्ञापन

10 हजार करोड़ का करप्शन

कन्नन गोपीनाथ ने आगे कहा कि ये लोग स्कैम करने में इतने स्किल्ड हो चुके हैं कि अब फरवरी में ट्रेनिंग करवा रहे हैं. पिछले 7 साल में 10 हजार करोड़ रुपए ऐसे लोगों को बांटे गए हैं, जिनके न फोन नंबर हैं और न कोई सही Email एड्रेस. PMKVY के तहत ट्रेनिंग पार्टनर्स को एनरॉलमेंट, सर्टिफिकेशन और प्लेसमेंट के समय पैसा दिया जाता रहा है.

कन्नन गोपीनाथ ने कहा, PMKVY में ट्रेनिंग से लेकर एनरॉलमेंट, सर्टिफिकेशन और प्लेसमेंट तक हर लेवल पर करप्शन किया गया है. इस मामले में कड़ी जांच होनी चाहिए. इसलिए हम चाहते हैं कि सरकार इसके ऊपर enquiry बिठाए और सच सामने लेकर आए. ये न सिर्फ देश में टैक्स देने वालों, बल्कि युवाओं के साथ भी धोखा है.

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
... और पढ़ें

/ताज़ा खबरें

विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ