तेलंगाना सरकार ने इस मानसून सीजन में अच्छी बारिश के लिए भगवान वरुण की पूजा कराने का फैसला किया है. इसके तहत ‘वरुण यागम’ का आयोजन किया जाएगा. सरकारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी नलगोंडा जिले में स्थित नागार्जुन सागर परियोजना में होने वाले इस अनुष्ठान के समापन कार्यक्रम ‘पूर्णाहुति’ में शामिल होंगे.

सरकार का कहना है कि राज्य में कृष्णा और गोदावरी नदी बेसिन के जलाशयों में पर्याप्त पानी पहुंचने की उम्मीद के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा है. दक्षिण-पश्चिम मानसून का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है और अगस्त का दूसरा सप्ताह भी शुरू हो गया है, लेकिन दोनों प्रमुख नदियों में अभी तक इतना भी पानी नहीं है, जिससे राज्य के जलाशयों और सिंचाई व्यवस्था के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सके.

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108 पुजारी लेंगे हिस्सा

‘वरुण यागम’ में 108 ऋत्विक यानी पुजारी हिस्सा लेंगे. अनुष्ठान के लिए 11 हवन कुंड तैयार किए गए हैं, जहां वैदिक विधि से पूजा और हवन किया जाएगा. यह पूरा अनुष्ठान यादगिरिगुट्टा के श्री लक्ष्मी नरसिम्हा स्वामी मंदिर के पुजारियों और वैदिक विद्वानों की ओर से संपन्न कराया जाएगा. सरकार को उम्मीद है कि राज्य में जल्द अच्छी बारिश होगी और इससे कृष्णा-गोदावरी बेसिन के जलाशयों में पानी बढ़ेगा. इससे सिंचाई व्यवस्था को राहत मिलने के साथ किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है.

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अभी राहत मिलने की संभावना नहीं- सिंचाई मंत्री

सिंचाई मंत्री एन. उत्तम कुमार रेड्डी के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस साल मानसून में बारिश का पैटर्न ठीक नहीं रहा है. तेलंगान में अल नीनो की स्थिति बनी हुई है और राहत मिलने की कोई संभावना नहीं है. बयान में यह भी कहा गया कि नागार्जुन सागर जलाशय की कुल क्षमता 312.045 टीएमसी है. फिलहाल इसमें करीब 145.65 टीएमसी पानी ही बचा है. जलाशय का जलस्तर करीब 518 फीट है, जबकि इसका अधिकतम स्तर 590 फीट है.

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पिछले साल 9 अगस्त को नागार्जुन सागर में करीब 310.25 टीएमसी पानी मौजूद था और जलस्तर 589.40 फीट तक पहुंच गया था. यानी उस समय जलाशय लगभग भर चुका था. इसके मुकाबले इस साल इसी तारीख तक पानी की मात्रा आधे से भी कम रह गई है.

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सरकार ने बनाई थी समिति

सरकार ने 30 जुलाई को अल नीनो के संभावित असर का अध्ययन करने के लिए एक समिति बनाई थी. समिति ने कम बारिश की स्थिति से निपटने के लिए कई उपाय सुझाए हैं. इनमें खरीफ सीजन में किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर सिंचाई व्यवस्था लगाने के लिए सब्सिडी देना और कम पानी में पैदा होने वाली फसलों को बढ़ावा देना शामिल है.

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सरकार के किसानों की मदद के लिए सख्त कदम उठाने की मांग

वहीं, सरकार के ‘वरुण यागम’ कराने के फैसले पर बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामा राव ने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान कराने में कोई दिक्कत नहीं है. हालांकि, उन्होंने सरकार से किसानों की मदद के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. रामा राव ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उन्हें सिंचाई व्यवस्था को लेकर पर्याप्त समझ नहीं है.