TCS Layoffs: देश की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) इस समय Layoff को लेकर लोगों के बीच में चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि कंपनी इस समय अपने वर्कफोर्स स्ट्रकचर पर भी काम कर रही है. इस दौरान कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए एक विशेष ऑफर का ऐलान किया है. कंपनी ऐसे कर्मचारियों को जिनकी स्किल्स अब बदलती तकनीक और कंपनी की जरूरतों से मेल नहीं खा रही हैं. लेकिन इसके बाद भी TCS ने ऐसा कदम उठाया है जो इस मुश्किल समय में कर्मचारियों को राहत देगा. छंटनी में निकाले गए कर्मचारियों को कपंनी ने छह महीने से लेकर अधिकतम दो साल तक की सैलरी को सेवरेंस पैकेज ऑफर किया है.
मिली जानकारी के अनुसार, कंपनी उन कर्मचारियों को, जिनकी स्किल्स अब बदलती तकनीक और क्लाइंट मांगों के अनुरूप नहीं हैं, आकर्षक सेवरेंस पैकेज दे रही है. यह पैकेज छह महीने से लेकर अधिकतम दो साल तक की सैलरी के रूप में उपलब्ध होगा.
TCS ने क्यों लिया Layoff का फैसला?
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के अनुसार, TCS अगले साल अपनी कंपनी से करीब 12000 कर्मचारियों यानी वर्कफोर्स का लगभग 2% कम करने का फैसला किया है. कंपनी के अनुसार इस छंटनी का कारण कई कर्मचारियों की स्किल्स में कमी बताया गया है. कई कर्मचारियों की स्किल्ट बदलते जमाने की जरूरतों और क्लाइंट की डिमांड से मेल नहीं खा रही है. कंपनी चाहती है कि अपनी टीम चुस्त-दुरुस्त और भविष्य के लिए तैयार रहे.
यह भी पढ़ें- TCS Lay Off : 12000 कर्मचारियों की छंटनी करने जा रही भारत के सबसे बड़ी IT कंपनी
किन्हें मिलेगा कितना पैकेज?
-बेंच पर बैठे कर्मचारी (8 महीने से बिना प्रोजेक्ट के): इन्हें केवल 3 महीने की सैलरी नोटिस पीरियड पे के रूप में दी जाएगी.
-10 से 15 साल तक सेवा देने वाले कर्मचारी: इन्हें लगभग 1.5 साल की सैलरी तक का पैकेज मिलेगा.
-15 साल से ज्यादा सेवा वाले सीनियर कर्मचारी: इन्हें 1.5 से 2 साल तक का वेतन बतौर सेवरेंस पैकेज मिल सकता है.
CEO ने क्या कहा?
TCS के सीईओ के. कृतिवासन ने कहा, इस फैसले को तेजी से बदलते तकनीकी परिवर्तनों के बीच TCS को “अधिक चुस्त और भविष्य के लिए तैयार” बनाने की रणनीति का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि हम नई तकनीकों, खासकर एआई और ऑपरेटिंग मॉडल में बदलाव पर काम कर रहे हैं. हम काम करने के तरीके को भी बदल रहे हैं. हमें भविष्य के लिए तैयार और अधिक लचीला बनने की आवश्यकता है.
सीईओ कृतिवासन ने यह भी कहा कि यह एआई के कारण नहीं, बल्कि भविष्य के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है. वहीं, कंपनी का कहना है कि यह प्रक्रिया पूरी सावधानी और योजनाबद्ध तरीके से की जा रही है, ताकि हमारे ग्राहकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े.
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