Tamil Nadu Stampede: 'पर्याप्त सुरक्षा दी गई होती तो नहीं होती भगदड़', EPS ने करूर त्रासदी के लिए DMK को ठहराया जिम्मेदार

तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर की रात को हुई भगदड़ अब सियासत में बदलती जा रही है. विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर हमलावर है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. वहीं, विपक्षी दलों के सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में डीएमके सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए, एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी ने रविवार को कहा कि पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने में प्रशासन की विफलता के कारण करूर में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की रैली के दौरान भगदड़ मच गई.

TAMIL NADU NEWS (1)

Tamil Nadu Stampede: तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर की रात को हुई भगदड़ अब सियासत में बदलती जा रही है. विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर हमलावर है और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है. वहीं, विपक्षी दलों के सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने में डीएमके सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए, एआईएडीएमके महासचिव एडप्पादी पलानीस्वामी ने रविवार को कहा कि पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों को तैनात करने में प्रशासन की विफलता के कारण करूर में तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) की रैली के दौरान भगदड़ मच गई.

टीवीके अध्यक्ष और अभिनेता विजय जब रैली को संबोधित कर रहे थे, तब भगदड़ मच गई, जिसमें 39 लोगों की मौत हो गई और 95 घायल हो गए.

पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई?

भगदड़ में घायलों से मिलने के बाद पलानीस्वामी ने संवाददाताओं से कहा, ‘कल 39 लोगों की जान चली गई. हमें बताया गया कि भगदड़ बिजली के करंट की वजह से हुई. ऐसा अभियान पहले चार जिलों में चलाया गया था और पुलिस को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए थी. मुझे नहीं लगता कि ऐसा किया गया.’

अगर दी गई होती सुरक्षा तो नहीं मचती भगदड़

पलानीस्वामी ने कहा, ‘यहां तक ​​कि हमारी एआईएडीएमके बैठक में भी उचित सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई. डीएमके की बैठकों में सुरक्षा के लिए हजारों पुलिसकर्मी तैनात किए जाते हैं. पुलिस को सुरक्षा मुहैया कराने में विपक्षी दलों की बजाय सत्तारूढ़ दल के पक्ष में पक्षपात नहीं करना चाहिए अगर पूरी सुरक्षा दी गई होती, तो ऐसी भगदड़ नहीं मचती.’

उन्होंने कहा, ‘राजनीतिक दल के नेता को भी मामले की जांच करनी चाहिए थी और यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाने चाहिए थे कि ऐसी कोई घटना न घटे. यह चौंकाने वाला और दुखद है कि इतनी जानें चली गईं. अगर सरकार और पुलिस ने ठीक से काम किया होता, तो ऐसे जानें नहीं जातीं’.

एआईएडीएमके महासचिव ने कहा, ‘एक सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है. कल चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने बताया कि बीच में एक एम्बुलेंस आ गई थी. इससे कई संदेह पैदा होते हैं. मैंने कल की भगदड़ देखी जो चौंकाने वाली थी और तमिलनाडु में किसी राजनीतिक अभियान के दौरान इतनी बड़ी भगदड़ पहले कभी नहीं हुई’.

तमिलनाडु CM ने की मुआवजे की घोषणा

इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने करूर भगदड़ में मारे गए प्रत्येक पीड़ित के परिवारों को 10-10 लाख रुपये का मुआवज़ा देने की घोषणा की. साथ ही, अस्पतालों में इलाज करा रहे प्रत्येक व्यक्ति को एक-एक लाख रुपये की सहायता देने की भी घोषणा की. इससे पहले, भाजपा नेता के अन्नामलाई ने लापरवाही के लिए तमिलनाडु सरकार और पुलिस की कड़ी आलोचना की.

शनिवार को एक्स पर एक पोस्ट में के अन्नामलाई ने लिखा, ‘करूर में थावेका नेता श्री विजय की सभा में भगदड़ मचने से बच्चों समेत लगभग 40 लोगों की मौत की खबर बेहद चौंकाने वाली और दुखद है. कई अन्य घायल हुए हैं और उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है. मैं तमिलनाडु सरकार से आग्रह करता हूं कि वह प्रभावित सभी लोगों का उचित इलाज सुनिश्चित करे’.

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