Tamil Nadu: तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट होने और अपने खर्चे पर इलाज की अनुमति मिली है। ये अनुमति मद्रास हाईकोर्ट ने दी है। सेंथिल को नौकरी के बदले रिश्वत लेने के आरोप में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी ने गिरफ्तार किया था। ईडी की छापेमारी के वक्त सेंथिल की तबियत बिगड़ गई थी, बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया।
मंत्री सेंथिल बालाजी के वकील एनआर एलागो ने बताया कि मानवीय आधार पर उच्च न्यायालय ने जेल अधिकारियों को सेंथिल बालाजी को ओमंदुरार अस्पताल से कावेरी अस्पताल में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। जहां उनके निजी चिकित्सक उनके स्वास्थ्य की देखभाल करेंगे।
मद्रास हाईकोर्ट ने यह आदेश बालाजी की पत्नी द्वारा दायर एक याचिका पर गुरुवार को दिया। इसके अलावा अदालत ने ईडी को बालाजी की अवैध गिरफ्तारी की मुख्य याचिका पर नोटिस जारी किया है। मामले को 22 जून तक के लिए स्थगित कर दिया।
गिरफ्तारी के बाद किया सीने में दर्द की शिकायत
ईडी का आरोप है कि मंत्री वी सेंथिल बालाजी नौकरी दिलाने का एक रैकेट चला रहे थे। उन्होंने अपने दफ्तर का दुरुपयोग किया। 2014-15 में उन्होंने परिवहन विभाग में अपने सहयोगियों की मदद से उम्मीदवारों से नौकरी के बदले रिश्वत वसूली। बालाजी और उनकी पत्नी के खातों में धन वसूली से करीब 1.60 करोड़ रुपए जमा किए गए।
ईडी ने बुधवार को तमिलनाडु के मंत्री वी सेंथिल बालाजी से घंटों पूछताछ के बाद कथित मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में उन्हें गिरफ्तार कर लिया। बेचैनी की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल ने बाद में कहा कि मंत्री की कोरोनरी एंजियोग्राम की गई है और जल्द से जल्द बाईपास सर्जरी की सलाह दी गई है।
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