दिल्ली दंगे मामले में सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को बड़ा फैसला सुनाय है। सुप्रीम कोर्ट ने दंगे के मुख्य आरोपी उमर खालिद और शरजील की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि देश की अखडंता नागरिक अधिकारों से ऊपर है। मुख्य आरोपियों के अलावा कोर्ट ने अन्य 5 आरोपियों को जमानत दे दी है।
23 फरवरी 2020 की रात में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे हुए थे। इसमें 53 लोग मारे गए थे। 200 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस दंगे के पीछे शरजील इमाम, उमर खालिद मुख्य आरोपी थे। दोनों पर साजिश से जुड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। हाई कोर्ट ने दोनों मुख्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद आरोपी पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।
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सुप्रीम कोर्ट ने भी दोनों मुख्य आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि कोर्ट ने अन्य 5 आरोपियों की जमानत याचिका स्वीकार कर ली। इसके पीछे कोर्ट ने तर्क दिया कि उमर खालिद और शरजील का केस बाकी आरोपियों से अलग है।
दिल्ली पुलिस बताया था कि दिल्ली दंगों के पीछे एक गहरी साजिश रची गई थी। साचिश की नींव साल 2019 में CAA और NRC के प्रदर्शनों के दौरान रखी गई थी। दिल्ली पुलिस ने जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को दिल्ली दंगों का मास्टरमाइंड माना था।
बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस समय भारत दौरे पर थे। उसी मौका को देखते हुए आरोपियों ने दिल्ली में हिंसा भड़काई थी। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि हिंदू समुदाय की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के उदेश्य के साथ बवाल काटा गया था।
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