Kal Ka Mausam: आंधी-बारिश… दिल्ली-यूपी समेत 11 राज्यों में करवट लेने वाला है मौसम, IMD ने जारी किया अलर्ट
Author: Varsha Sikri
Mar 24, 2026 12:00 AM IST
देशभर में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है. 24 मार्च को लेकर मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत करीब 11 राज्यों में आंधी, बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है. ये बदलाव पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के एक्टिव होने की वजह से देखने को मिल रहा है, जिससे उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम बिगड़ सकता है. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर में 24 मार्च को हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. हवा की रफ्तार 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है. इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है.
यूपी-बिहार में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा. यहां कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज आंधी चलने की संभावना जताई गई है. खासकर पूर्वी यूपी और बिहार के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा. इसके अलावा झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और नॉर्थ ईस्ट राज्यों में भी मौसम ऐसा ही रहेगा. कुछ इलाकों में भारी बारिश और आंधी-तूफान के हालात बन सकते हैं. मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. आने वाले 2-3 दिनों तक उत्तर भारत और पूर्वी भारत में ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है. इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है.
दिल्ली में मौसम लेने वाला है करवट
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार मौसम में बदलाव देखा जा रहा है. कभी बारिश तो कभी बादल छाए रहने से तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है. सोमवार को भी राजधानी के कई हिस्सों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलीं, जिससे मौसम सुहावना हो गया. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च के महीने में इस तरह का बदलाव असामान्य नहीं है, लेकिन इस बार पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा एक्टिव है, जिसकी वजह से कई राज्यों में एक साथ बारिश और तूफान देखने को मिल रहा है. IMD ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले में जाने से बचें, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें और सुरक्षित जगह पर रहें. किसानों को भी अपनी फसलों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है, क्योंकि तेज हवाएं और बारिश फसलों को नुकसान पहुंचा सकती हैं.