Sonia Gandhi Book: कांग्रेस सांसद सोनिया गांधी ने 1975 की इमरजेंसी पर अपना नजरिया रखा है. उन्होंने कहा कि उस दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों को सीमित किया गया था, लेकिन ये कदम संवैधानिक दायरे के भीतर ही उठाए गए थे. उन्होंने ये भी कहा कि उस वक्त पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बढ़ती अशांति और राजनीतिक अस्थिरता को संभालने के लिए संघर्ष कर रही थीं. अपनी किताब ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ के विमोचन से पहले ‘द हिंदू’ को दिए एक इंटरव्यू में सोनिया ने भारत के राजनीतिक इतिहास के इस विवादित अध्याय पर चर्चा की.
इंदिरा गांधी के फैसलों पर क्या बोलीं सोनिया गांधी?
इमरजेंसी के दौरान संजय गांधी की भूमिका पर बात करते हुए, सोनिया ने कहा कि सिर्फ वही फैसलों को प्रभावित नहीं कर रहे थे. उनके मुताबिक कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने भी इंदिरा गांधी पर दबाव डाला था, जबकि राजीव गांधी और कुछ अन्य लोगों की राय अलग थी. उन्होंने आगे कहा कि उनकी सास ने आखिरकार स्थिति को समझा और समस्याओं को दूर करने के लिए कदम उठाए.
यह भी पढ़ें- ‘देखते ही प्यार…’, कैसे हुई थी राजीव गांधी से पहली मुलाकात? सोनिया गांधी ने VIDEO में बताया
सोनिया ने बताया कि इमरजेंसी खत्म होने के बाद ही उन्हें इन पाबंदियों की गंभीरता का एहसास हुआ. उन्होंने माना कि लोकतांत्रिक आजादी (जिसमें ‘हेबियस कॉर्पस’ भी शामिल है) निलंबित कर दी गई थीं, हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि ये कदम संवैधानिक तरीके से उठाए गए थे. उन्होंने उन हालात को भी याद किया जिनका सामना इंदिरा गांधी को करना पड़ा था, जैसे हिंसक प्रदर्शन, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर हमले, और सरकारी अधिकारियों और सशस्त्र बलों से आदेश न मानने की अपीलें.
‘इंदिरा गांधी ने बाद में खेद जताया’
सोनिया गांधी ने कहा कि बाद में पीछे मुड़कर देखने पर ऐतिहासिक घटनाओं का आकलन करना आसान हो जाता है. उन्होंने बताया कि इंदिरा गांधी ने आखिरकार उन ज्यादतियों को स्वीकार किया और सार्वजनिक रूप से खेद जताया. इमरजेंसी 25 जून 1975 को लागू की गई थी और 21 मार्च 1977 को खत्म हुई. इंदिरा गांधी ने जनवरी 1977 में नए चुनावों का ऐलान किया, लेकिन मार्च में हुए चुनावों में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा. बीजेपी आज भी इमरजेंसी को लेकर कांग्रेस की आलोचना करती है और इसे भारतीय लोकतंत्र का एक ‘काला अध्याय’ बताती है. सरकार 25 जून को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में भी मनाती है.
‘आप पर गर्व है मां: राहुल गांधी’
इस इंटरव्यू पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, ‘सार्वजनिक जीवन में साठ साल, और आज भी आप बिल्कुल वैसी ही हैं. आप पर गर्व है, मां.’ उन्होंने सोनिया गांधी के बयान को कोट करते हुए लिखा, ‘बड़े होते हुए मैंने जो संस्कार सीखे, वो आज भी मुझमें कायम हैं. मैंने हमेशा उन मूल्यों पर खरा उतरने की पूरी कोशिश की है: परिवार और दोस्तों के प्रति वफादारी, ईमानदारी, दूसरों के लिए संवेदना, और अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को निभाना. मैं कह सकती हूं कि इन मामलों में मैं आज भी वही इंसान हूं, जिससे राजीव 60 साल पहले मिले थे.’
संबंधित खबरें
क्या है क्राइम-अपराध में अंतर? बिहार CM ने विवादित बयान देकर छेड़ी बहस
33 mins agoअमेरिका की उस जमीन पर बस रहे हजारों भारतीय, जहां कभी हुआ था नरसंहार
2 hrs agoफारूक-उमर अब्दुल्ला ने नाराज विधायकों को मनाया, कैबिनेट बदलाव पर क्या हुआ?
3 hrs ago'BJP-RSS से कांग्रेस का समझौता...', पढ़ें सोनिया गांधी का बड़ा बयान
4 hrs agoगैंगस्टर हैरी बॉक्सर अमेरिका में गिरफ्तार; रोहित शेट्टी के घर कराई फायरिंग
4 hrs ago'मोदी जी, बताइए- देश की टंकी में क्या भरा जा रहा है?' E20 पर बोले राहुल
4 hrs agoCJP के अभिजीत दीपके का आज छोटी दिवाली पर कोच्चि में जंतर-मंतर जैसा प्रदर्शन
5 hrs agoदिवाली-छठ पर UP और बिहार के लिए नई ट्रेनों की घोषणा, रद्द की गईं 4 गाड़ियां
8 hrs agoCBSE 10वीं और 12वीं की डेटशीट जारी, देखें पूरा शेड्यूल
8 hrs agoLIVE: फरीदाबाद में पार्किंग विवाद में गोली मारकर शख्स की हत्या
8 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines