हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: Asian Games 2026election commissionBigg Boss 20

सोनम वांगचुक ने 26 दिनों बाद तोड़ा अनशन, अस्पताल में मंत्री नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद लिया फैसला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो मैसेज जारी किए जाने के बाद केंद्र सरकार तुरंत एक्शन मोड में दिखाई दे रही है. देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री (पीएमओ) डॉ. जितेंद्र सिंह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे. दोनों मंत्रियों से मुलाकात के बाद सोनम वांगचुक ने अपना उपवास समाप्त कर दिया है.

विज्ञापन

नीट (NEET) पेपर लीक और परीक्षा में धांधली के विरोध में 26 दिनों से अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना उपवास समाप्त कर दिया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो मैसेज जारी किए जाने के बाद देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे. दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कोई दंडात्मक कार्रवाई न करने, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और संसद में चर्चा का आश्वासन दिया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर ट्वीट कर सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का आग्रह किया।प्रधानमंत्री ने लिखा, “मैं सोनम जी से आग्रह करता हूं कि वो डॉक्टरों की सलाह के अनुसार अपनी दिनचर्या रखें और जल्द से जल्द अपना पुराना वज़न फिर से प्राप्त करें।” इसके साथ ही उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक शीघ्र पूरी तरह स्वस्थ हों। पीएम के इस संदेश को आंदोलन के बीच सरकार के सकारात्मक रुख के रूप में देखा जा रहा है।

इससे पहले सोनम वांगचुक ने खुद ट्वीट कर अनशन तोड़ने की जानकारी साझा की. बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने अपना उपवास तोड़ा.

विज्ञापन

65 सांसदों की अपील और लंबी बातचीत के बाद फैसला

सोनम वांगचुक के मुताबिक, देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की थी या पत्र भेजकर अनशन खत्म करने का आग्रह किया था. देश में किसी भी संभावित हिंसा की आशंका को टालने और विभिन्न शर्तों पर हुई लंबी बातचीत के बाद उन्होंने अनशन वापस लेने का निर्णय लिया.

मेदांता अस्पताल पहुंचे केंद्रीय मंत्री, हुई अहम बातचीत

इससे पहले, दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से मेदांता में शिफ्ट किया गया था, जहां देर रात केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह उनसे मिलने पहुंचे. मुलाकात के दौरान केंद्रीय मंत्रियों ने वांगचुक की सेहत का जायजा लिया और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा. वांगचुक ने सरकार के सामने मांग रखी थी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कोई पुलिस या कानूनी कार्रवाई न की जाए, साथ ही पीड़ित परिवारों को मुआवजा और संसद में इस विषय पर ठोस चर्चा हो.

विज्ञापन

संसदीय चर्चा और सुरक्षा के आश्वासन पर तोड़ा उपवास

केंद्रीय मंत्रियों द्वारा मिले सकारात्मक आश्वासन के बाद सोनम वांगचुक ने अपना आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया. जेपी नड्डा ने स्पष्ट किया कि सरकार संसद में पेपर लीक मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर निकाला जाएगा. अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार वांगचुक के स्वास्थ्य पर निगरानी रख रही है और उनके सभी वाइटल पैरामीटर्स फिलहाल स्थिर बने हुए हैं.

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola